दुनिया के कई देशों में कोरोना संक्रमण के एक बार फिर से बढ़ते मामले और तीसरी लहर की आशंका, लोगों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। कई रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर और भी संक्रामक हो सकती है। पूरी दुनिया अभी कोरोना की मार झेल ही रही है कि इसी बीच इंग्लैंड में नोरोवायरस के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। इंग्लैंड में अब तक नोरोवायरस के लगभग 154 मामले सामने आ चुके हैं। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) ने हालिया रिपोर्ट में बताया कि नियमित निगरानी से पता चलता है कि पिछले कुछ हफ्तों में नोरोवायरस के मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है। कोरोना के जारी संक्रमण के बीच नोरोवायरस के बढ़ते मामले गंभीर समस्या का कारण बन सकते हैं।
एक और मुसीबत: कई देशों में तेजी से बढ़े 'नोरोवायरस' के मामले, जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके
क्या है नोरोवायरस?
नोरोवायरस को 'विंटर वामिटिंग बग' के नाम से भी जाना जाता है। नोरोवायरस, कैलिसिविरिडे फैमिली का वायरस है। यह वायरस दुनियाभर में गैस्ट्रोएंटेराइटिस प्रकोप के 50 फीसदी मामलों के लिए जिम्मेदार हो सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक नोरोवायरस में लगातार आनुवंशिक परिवर्तन होते रहते हैं। इस कारण से किसी व्यक्ति को पूरे जीवन में एक से अधिक बार इसका संक्रमण हो सकता है।
सीडीसी के अनुसार, हर साल अमेरिका में नोरोवायरस 19-21 मिलियन (करीब 2 करोड़) लोगों में गैस्ट्रोएंटेराइटिस का कारण बनता है। इस बीमारी के कारण हर साल अमेरिका में करीब 70 हजार लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है, जिसमें से 700-800 लोगों की मौत हो जाती है। नोरोवायरस आमतौर पर सर्दियों के महीनों में संक्रमण का कारण बनता है हालंकि साल के किसी भी समय इसका संक्रमण हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों को संक्रमण होता है उनमें जी मिचलाना-मतली सबसे आम लक्षण हो सकता है। संक्रमण बढ़ने के साथ लोगों को अन्य कई तरह की समस्याओं को अनुभव हो सकता है।
- उल्टी-पेट दर्द
- पेट में ऐंठन
- लगातार दस्त आना
- कमजोरी और सुस्त महसूस करना
- बुखार और ठंड लगने की समस्या
- शरीर, विशेषरूप से सिर में दर्द
कैसे फैलता है नोरोवायरस का संक्रमण?
विशेषज्ञ बताते हैं कि संक्रमित व्यक्ति के मल और उल्टी के संपर्क में आने वाले लोगों को इस संक्रमण का खतरा हो सकता है। नोरोवायरस से बचाव के लिए सभी लोगों को दूषित भोजन और पानी पीने से मना किया जाता है। ऐसे समय में लोगों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। नोरोवायरस 60 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान पर जीवित रह सकते हैं। समुद्री इलाकों में ज्यादातर लोगों में शेलफिश खाने के कारण संक्रमण हो सकता है।
नोरोवायरस संक्रमण का क्या इलाज है?
विशेषज्ञों के अनुसार, नोरोवायरस संक्रमण को ठीक करने के लिए कोई विशिष्ट दवा नहीं है। रोगियों को अधिक से अधिक मात्रा में तरल पदार्थ के सेवन की सलाह दी जाती है जिससे उन्हें निर्जलीकरण की समस्या से बचाया जा सके। जिन लोगों को संक्रमण की शिकायत होती है उन्हें उपवास करने या हल्का भोजन करने की सलाह दी जाती है। भोजन में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल किए जाने चाहिए जो पचाने में आसान हों, जैसे चावल, ब्रेड, सूप और पास्ता। रोगियों के लक्षण को कम करने के लिए डॉक्टर कुछ दवाएं दे सकते हैं।