फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

एक और मुसीबत: कई देशों में तेजी से बढ़े 'नोरोवायरस' के मामले, जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके

Wed, 21 Jul 2021 06:23 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Wed, 21 Jul 2021 06:23 PM IST
विज्ञापन
symptoms and causes of norovirus, know how to prevent this infection
दुनियाभर में तेजी से बढ़े नोरोवायरस संक्रमण के मामले (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

दुनिया के कई देशों में कोरोना संक्रमण के एक बार फिर से बढ़ते मामले और तीसरी लहर की आशंका, लोगों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। कई रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर और भी संक्रामक हो सकती है। पूरी दुनिया अभी कोरोना की मार झेल ही रही है कि इसी बीच इंग्लैंड में नोरोवायरस के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। इंग्लैंड में अब तक नोरोवायरस के लगभग 154 मामले सामने आ चुके हैं। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) ने हालिया रिपोर्ट में बताया कि नियमित निगरानी से पता चलता है कि पिछले कुछ हफ्तों में नोरोवायरस के मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है। कोरोना के जारी संक्रमण के बीच  नोरोवायरस के बढ़ते मामले गंभीर समस्या का कारण बन सकते हैं। 


रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार दस्त, उल्टी-मतली और पेट दर्द नोरोवायरस के सामान्य लक्षण हो सकते हैं। इस तरह की समस्याओं का अनुभव होते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। आइए आगे की स्लाइडों में बेहद संक्रामक माने जा रहे नोरोवायरस के बारे में विस्तार से जानते हैं।

Trending Videos
symptoms and causes of norovirus, know how to prevent this infection
नोरोवायरस का संक्रमण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

क्या है नोरोवायरस?
नोरोवायरस को 'विंटर वामिटिंग बग' के नाम से भी जाना जाता है। नोरोवायरस, कैलिसिविरिडे फैमिली का वायरस है। यह वायरस दुनियाभर में गैस्ट्रोएंटेराइटिस प्रकोप के 50 फीसदी मामलों के लिए जिम्मेदार हो सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक नोरोवायरस में लगातार आनुवंशिक परिवर्तन होते रहते हैं। इस कारण से किसी व्यक्ति को पूरे जीवन में एक से अधिक बार इसका संक्रमण हो सकता है। 
सीडीसी के अनुसार, हर साल अमेरिका में नोरोवायरस 19-21 मिलियन (करीब 2 करोड़) लोगों में गैस्ट्रोएंटेराइटिस का कारण बनता है। इस बीमारी के कारण हर साल अमेरिका में करीब 70 हजार लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है, जिसमें से 700-800 लोगों की मौत हो जाती है। नोरोवायरस आमतौर पर सर्दियों के महीनों में संक्रमण का कारण बनता है हालंकि साल के किसी भी समय इसका संक्रमण हो सकता है।

symptoms and causes of norovirus, know how to prevent this infection
उल्टी-मतली को हो सकते हैं लक्षण - फोटो : getty images
किन लक्षणों से की जाती है नोरोवायरस संक्रमण की पहचान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जिन लोगों को संक्रमण होता है उनमें जी मिचलाना-मतली सबसे आम लक्षण हो सकता है। संक्रमण बढ़ने के साथ लोगों को अन्य कई तरह की समस्याओं को अनुभव हो सकता है। 
  • उल्टी-पेट दर्द
  • पेट में ऐंठन
  • लगातार दस्त आना
  • कमजोरी और सुस्त महसूस करना
  • बुखार और ठंड लगने की समस्या
  • शरीर, विशेषरूप से सिर में दर्द
सीडीसी के मुताबिक लोगों में यह लक्षण आमतौर पर 1-3 दिनों तक बने रह सकते। कुछ लोगों को 3 दिनों से अधिक समय तक दस्त की दिक्कत रह सकती है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
symptoms and causes of norovirus, know how to prevent this infection
किसी को भी हो सकता है संक्रमण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

कैसे फैलता है नोरोवायरस का संक्रमण?
विशेषज्ञ बताते हैं कि संक्रमित व्यक्ति के मल और उल्टी के संपर्क में आने वाले लोगों को इस संक्रमण का खतरा हो सकता है। नोरोवायरस से बचाव के लिए सभी लोगों को दूषित भोजन और पानी पीने से मना किया जाता है। ऐसे समय में लोगों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। नोरोवायरस 60 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान पर जीवित रह सकते हैं। समुद्री इलाकों में ज्यादातर लोगों में शेलफिश खाने के कारण संक्रमण हो सकता है।

विज्ञापन
symptoms and causes of norovirus, know how to prevent this infection
नोरोवायरस से करें बचाव (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

नोरोवायरस संक्रमण का क्या इलाज है?
विशेषज्ञों के अनुसार, नोरोवायरस संक्रमण को ठीक करने के लिए कोई विशिष्ट दवा नहीं है। रोगियों को अधिक से अधिक मात्रा में तरल पदार्थ के सेवन की सलाह दी जाती है जिससे उन्हें निर्जलीकरण की समस्या से बचाया जा सके। जिन लोगों को संक्रमण की शिकायत होती है उन्हें उपवास करने या हल्का भोजन करने की सलाह दी जाती है। भोजन में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल किए जाने चाहिए जो पचाने में आसान हों, जैसे चावल, ब्रेड, सूप और पास्ता। रोगियों के लक्षण को कम करने के लिए डॉक्टर कुछ दवाएं दे सकते हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed