पुरुषों की सेहत को दुरुस्त रखने में खानपान और लाइफस्टाइल की अहम भूमिका होती है। खाने की गलत आदतें न सिर्फ मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाती हैं, बल्कि कुछ कैंसर के खतरों का भी कारण बन सकती हैं। प्रोस्टेट कैंसर को लेकर हुए अध्ययनों में भी आहार की गुणवत्ता और बीमारी के जोखिमों के बीच लिंक सामने आया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, रोजाना की डाइट में प्रोसेस्ड मीट, अधिक वसा वाले खाद्य पदार्थ और मीठी चीजों की अधिकता चिंता का विषय हो सकती है।
हेल्थ अलर्ट: पुरुषों के लिए जरूरी खबर, प्रोस्टेट कैंसर के जोखिमों को कम करने में मदद कर सकती हैं ये आदतें
Prostate Cancer: प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में होने वाला एक प्रमुख कैंसर है। एक अध्ययन में खराब खानपान और प्रोस्टेट कैंसर के जोखिम के बीच लिंक पाया गया। प्रोसेस्ड मीट, अधिक वसा वाली चीजें और मीठे खाद्य पदार्थों की जगह फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाना फायदेमंद हो सकता है।
डाइट और प्रोस्टेट कैंसर का लिंक
बीजेयू इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि जिन लोगों का आहार स्वस्थ नहीं होता है उनमें प्रोस्टेट कैंसर होने का जोखिम अधिक हो सकता है। इस बारे में जानने के लिए साल 1992 से 1996 के बीच स्पेन में भर्ती किए गए 15,296 पुरुषों के आहार का मूल्यांकन किया गया। 17 वर्षों के फॉलोअप में इनमें से 609 पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर का निदान हुआ।
- प्रोस्टेट कैंसर की पुष्टि वाले अधिकतर लोगों के दैनिक आहार की गुणवत्ता खराब पाई गई।
- इसके आधार पर शोधकर्ताओं ने बताया कि अगर शारीरिक रूप से मेहनत के साथ आहार को ठीक रखने के उपाय किए जाते हैं तो इस कैंसर के जोखिमों को कम किया जा सकता है।
क्या कहते हैं शोधकर्ता?
स्पेन में कार्लोस इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड साइंस के प्रोफेसर और अध्ययन के प्रमुख लेखक एडेला कैस्टेलो-पास्टर कहते हैं, हमारे नतीजे बताते हैं कि प्रोस्टेट कैंसर को रोकने में आहार की विशेष भूमिका हो सकती है। हाई फैट वाले डेयरी उत्पाद, प्रोसेस्ड मीट, ज्यादा मीठी चीजें, आहार में कैलोरी की अधिकता और सॉस का अधिक सेवन इस प्रकार के कैंसर के खतरे का कारण हो सकता है।
- अध्ययन में पाया गया है कि आहार में मौसमी सब्जियां-फल, साबुत अनाज, ऑलिव-वेजिटेबल ऑयल आदि को शामिल करने से उन जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है जिससे कैंसर का जोखिम हो सकता है।
प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण क्या हैं?
प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती चरणों में कई बार कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। बीमारी बढ़ने पर पेशाब करने में कठिनाई, पेशाब की धार कमजोर होने, बार-बार पेशाब आने और पेशाब करते समय दर्द या जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में पेशाब या वीर्य में खून भी दिखाई दे सकता है।
- कैंसर बढ़ने पर कमर, कूल्हों या हड्डियों में दर्द और बिना वजह वजन कम होने जैसे लक्षण हो सकते हैं।
- हालांकि, ये लक्षण प्रोस्टेट बढ़ने या संक्रमण जैसी अन्य समस्याओं के कारण भी हो सकते हैं। ऐसे संकेत दिखने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
प्रोस्टेट कैंसर से बचाव कैसे करें?
प्रोस्टेट कैंसर से बचाव का कोई स्पष्ट तरीका नहीं है, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली अपनाना फायदेमंद हो सकता है। अपनी डाइट में मौसमी फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और दालों को शामिल करें। प्रोसेस्ड मीट, अधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों और मीठे पेय का सेवन कम से कम करें।
- नियमित शारीरिक गतिविधि करें और वजन को कंट्रोल बनाए रखने की कोशिश करें। बिना डॉक्टर की सलाह के कैंसर से बचाव के लिए विटामिन या अन्य सप्लीमेंट न लें।
- परिवार में प्रोस्टेट कैंसर की हिस्ट्री रही हो तो डॉक्टर से जोखिम और जांच के बारे में सलाह जरूर ले लें।
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स्रोत:
High adherence to Western dietary pattern and prostate cancer risk: findings from the EPIC-Spain cohort
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