दादी-नानी के घरेलू नुस्खों में मुलेठी का जिक्र आपने भी कई बार सुना होगा। कभी गले में खराश होने पर, तो कभी खांसी और सर्दी-जुकाम से राहत पाने के लिए मुलेठी का इस्तेमाल किया जाता रहा है। आयुर्वेद में भी इसकी जड़ को खास महत्व दिया गया है। अपने प्राकृतिक मीठे स्वाद और कुछ औषधीय गुणों के कारण मुलेठी का उपयोग चाय, काढ़े और दूसरे पारंपरिक नुस्खों में किया जाता है। इसमें ग्लाइसीराइजिन नामक एक यौगिक पाया जाता है, जिसे सेहत के लिए बहुत फायदेमंद पाया गया है।
हेल्थ टिप्स: गले में खराश से लेकर पाचन तक मुलेठी के ये फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान, बड़े काम की है ये औषधि
Mulethi Benefits: मुलेठी आयुर्वेद में इस्तेमाल होने वाली एक पारंपरिक औषधि है। इसमें मौजूद ग्लाइसीराइजिन इसे मीठा स्वाद देता है। मुलेठी गले की खराश और कुछ पाचन संबंधी परेशानियों में राहत देने में मदद कर सकती है। हालांकि, इसका अधिक या लंबे समय तक सेवन नुकसादायक हो सकता है।
सर्दी-जुकाम और गले की समस्या
गले में खराश और खांसी जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए मुलेठी की जड़ एक बेहतरीन उपाय है। ये श्वसन मार्ग के संक्रमण में भी मदद करती है।
- एक कप पानी में मुलेठी की कुछ जड़ें डालकर उसे उबाल लें। इस पानी को छानकर पिएं। सर्दी-जुकाम और गले की समस्याओं विशेषकर मौसम बदलने के कारण होने वाली दिक्कतों को कम करने में इससे विशेष आराम मिल सकता है।
पाचन स्वास्थ्य के लिए इसके लाभ
- मुलेठी में ग्लाइसीराइजिन नामक एक कैमिकल कंपाउंड पाया जाता है, जो इसे मीठा स्वाद देता है, यह पाचन को बढ़ावा देने में भी मदद करता है। कई स्वास्थ्य विशेषज्ञ मुलेठी को एंटासिड के रूप में उपयोग करते हैं, जो अम्लता को कम करने और पेट की जलन में राहत दिलाने में सहायक है। पाचन संबंधी समस्याओं को कम करने और स्वास्थ्य लाभ पाने के लिए एक छोटे कप मुलेठी की चाय का सेवन कर सकते हैं।
प्रतिरक्षा प्रणाली होती है मजबूत
- यदि आप अक्सर बीमार पड़ते हैं, तो यह आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी का संकेत हो सकती है। ऐसे में मुलेठी का सेवन करके आप स्वास्थ्य लाभ पा सकते हैं। मुलेठी में मौजूद एंजाइम आपके शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं, इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।
इन जोखिमों को भी जानिए
मुलेठी के औषधीय गुणों के बावजूद इसका अधिक मात्रा में या लंबे समय तक सेवन सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। इसमें मौजूद ग्लाइसीराइजिन ब्लड प्रेशर बढ़ने और शरीर में पोटेशियम का स्तर घटाने का कारण बन सकता है। इससे मांसपेशियों में कमजोरी, ऐंठन और दिल की धड़कन अनियमित होने का खतरा रहता है।
- मुलेठी कुछ दवाओं के असर को भी प्रभावित कर सकती है। हाई ब्लड प्रेशर, हृदय या किडनी की बीमारी से पीड़ित लोगों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी मुलेठी के औषधीय सेवन से बचना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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