कोरोना की इस विपरीत परिस्थिति से मुकाबले के लिए लोग तरह-तरह के उपायों को प्रयोग में ला रहे हैं। कोई विटामिन डी का बहुत अधिक सेवन कर रहा है तो कोई योग और प्राणायाम से अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने की कोशिशों में लगा हुआ है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उचित पोषण, व्यायाम और पर्याप्त आराम की जरूरत होती है। आमतौर पर भोजन से हमारी पोषण संबंधी जरूरतें पूरी नहीं हो पाती हैं जिसके लिए लोगों को विटामिन के कैप्सूल और सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जाती है। पर क्या आप इसकी सही मात्रा के बारे में जानते हैं? विशेषज्ञ कहते हैं कि विटामिन डी की कमी और अधिकता दोनों ही नुकसानदायक हो सकती है। इसलिए इसकी सही मात्रा के बारे में लोगों को पता होना काफी जरूरी है। आइए इस लेख में जानते हैं।
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सावधान: विटामिन डी की कमी और अधिकता दोनो हैं खतरनाक, इस मात्रा से ज्यादा न करें सेवन
Thu, 20 May 2021 11:42 AM IST
Abhilash Srivastava
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhilash Srivastava
Updated Thu, 20 May 2021 11:42 AM IST
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विटामिन डी शरीर के लिए बेहद जरूरी
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कोविड रोगियों को दी जा रही है विटामिन डी के सेवन की सलाह
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कोविड में विटामिन डी की भूमिका
कई अध्ययनों से पता चला है कि कोविड-19 के रोगियों में विटामिन डी का स्तर काफी कम पाया गया है। इसके अलावा रोगियों में बुखार काफी ज्यादा हो जाता है, यह भी शरीर में विटामिन डी के स्तर को कम कर देता है। इसके अतिरिक्त अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि विटामिन डी की कमी वाले कोविड -19 संक्रमितों में संक्रमण गंभीर होने के साथ मृत्यु का भी खतरा अधिक हो सकता है। यही कारण है कि लोगों को कोविड के समय में विटामिन डी के सेवन की सलाह दी जाती है। विटामिन डी प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वास्थ्य रखने में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
कई अध्ययनों से पता चला है कि कोविड-19 के रोगियों में विटामिन डी का स्तर काफी कम पाया गया है। इसके अलावा रोगियों में बुखार काफी ज्यादा हो जाता है, यह भी शरीर में विटामिन डी के स्तर को कम कर देता है। इसके अतिरिक्त अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि विटामिन डी की कमी वाले कोविड -19 संक्रमितों में संक्रमण गंभीर होने के साथ मृत्यु का भी खतरा अधिक हो सकता है। यही कारण है कि लोगों को कोविड के समय में विटामिन डी के सेवन की सलाह दी जाती है। विटामिन डी प्रतिरक्षा प्रणाली को स्वास्थ्य रखने में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
विटामिन डी की सही मात्रा के बारे में जानिए
- फोटो : Social media
विटामिन डी के सेवन की सही मात्रा क्या है?
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार सभी लोगों को 400 आईयू/दिन की मात्रा में विटामिन डी का सेवन करना चाहिए। अमेरिका में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं सहित ज्यादातर लोगों को प्रतिदिन लगभग 10 माइक्रोग्राम की मात्रा में विटामिन डी के सेवन की सलाह दी जाती है। एक साल से कम उम्र के बच्चों को रोजाना 8.5 से 10 माइक्रोग्राम की मात्रा में विटामिन डी का जरूरत होती है।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार सभी लोगों को 400 आईयू/दिन की मात्रा में विटामिन डी का सेवन करना चाहिए। अमेरिका में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं सहित ज्यादातर लोगों को प्रतिदिन लगभग 10 माइक्रोग्राम की मात्रा में विटामिन डी के सेवन की सलाह दी जाती है। एक साल से कम उम्र के बच्चों को रोजाना 8.5 से 10 माइक्रोग्राम की मात्रा में विटामिन डी का जरूरत होती है।
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विटामिन डी की कमी से कैंसर जैसी समस्या हो सकती है
- फोटो : Social media
विटामिन डी का कमी से होने वाली समस्याएं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार विटामिन डी की कमी के चलते लोगों को हड्डियों में दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी की समस्या हो सकती है। हालांकि कई लोगों में लक्षण सूक्ष्म होने के बावजूद विटामिन डी की कमी स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा कर सकती है। विटामिन डी की कमी के चलते इस तरह की दिक्कतें होती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार विटामिन डी की कमी के चलते लोगों को हड्डियों में दर्द और मांसपेशियों में कमजोरी की समस्या हो सकती है। हालांकि कई लोगों में लक्षण सूक्ष्म होने के बावजूद विटामिन डी की कमी स्वास्थ्य संबंधी जोखिम पैदा कर सकती है। विटामिन डी की कमी के चलते इस तरह की दिक्कतें होती हैं।
- हृदय रोगों के कारण होने वाली मृत्यु का जोखिम बढ़ सकता है।
- उम्रदराज लोगों को संज्ञानात्मक समस्याओं का खतरा।
- बच्चों में गंभीर अस्थमा की आशंका
- कैंसर का डर।
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विटामिन डी विषाक्तता एक गंभीर समस्या है
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विटामिन डी की अधिकता के कारण होने वाली दिक्कतें
डॉक्टरों के मुताबिक ज्यादा मात्रा में विटामिन डी की गोलियों या सप्लीमेंट्स के सेवन के कारण विटामिन डी विषाक्तता हो सकती है। हालांकि इस तरह की दिक्कतें आहार या सूर्य से मिलने वाली विटामिन डी के कारण नहीं होती हैं, इसका खतरा ज्यादा मात्रा में सप्लीमेंट्स के सेवन के कारण ही होती हैं। यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में प्रकाशित एक अध्ययन में विशेषज्ञ बताते हैं कि वैसे तो विटामिन डी विषाक्तता एक दुर्लभ समस्या है, फिर भी अगर इसे तुरंत पहचाना नहीं गया तो स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव काफी गंभीर हो सकता है।
डॉक्टरों के मुताबिक ज्यादा मात्रा में विटामिन डी की गोलियों या सप्लीमेंट्स के सेवन के कारण विटामिन डी विषाक्तता हो सकती है। हालांकि इस तरह की दिक्कतें आहार या सूर्य से मिलने वाली विटामिन डी के कारण नहीं होती हैं, इसका खतरा ज्यादा मात्रा में सप्लीमेंट्स के सेवन के कारण ही होती हैं। यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में प्रकाशित एक अध्ययन में विशेषज्ञ बताते हैं कि वैसे तो विटामिन डी विषाक्तता एक दुर्लभ समस्या है, फिर भी अगर इसे तुरंत पहचाना नहीं गया तो स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव काफी गंभीर हो सकता है।