अगर आपको दांतों और मसूड़ों की परेशानी हो रही है तो इसे हल्के में न लें क्योंकि आपको अल्जाइमर की बीमारी हो सकती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि दांतों की बीमारी से अल्जाइमर का खतरा बढ़ता है। दरअसल, आप अपने दांतों और मसूड़ों को जिनता ज्यादा साफ रखेंगे अल्जाइमर का खतरा उतना ही कम होगा।
शोधकर्ताओं का कहना है कि मसूड़ों से हानिकारक एंजाइम दिमाग की तंत्रिका कोशिकाओं तक जा सकते हैं और इन्हें नष्ट कर सकते हैं। इससे दिमाग कमजोर हो सकता है और याददाश्त भी जा सकती है। यानी की मसूड़ों के सूजन, खून निकलने और दूसरी समस्याओं से उत्पन्न बैक्टीरिया मुंह के जरिए सीधे आपके दिमाग में जा सकते हैं।
शोधकर्ता माइडेल ने अपनी टीम के साथ मिलकर अल्जाइमर से पीड़ित 53 लोगों पर अध्ययन किया। इसमें 96 फीसदी अल्जाइमर के मरीजों में मसूड़ों की बीमारी देखने को मिली। आपको बता दें कि अल्जाइमर की बीमारी में इंसान की याददाश्त चली जाती है। फैसले लेने की क्षमता प्रभावित होने लगती है। वह अपने सगे-संबंधियों के साथ ही यार-दोस्तों को भी भूलने लगता है।
हालांकि अल्जाइमर की बीमारी ज्यादातर बुजुर्गों में ही देखने को मिलती है। लेकिन अगर दांतों और मसूड़ों को साफ नहीं रखा गया तो यह बीमारी आपको भी हो सकती है। नॉर्वे की बर्गन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने इस पर शोध किया और दांतों और अल्जाइमर के बीच संबंध खोजा। यह अध्ययन साइंस एडवांसेज जर्नल में प्रकाशित हुआ है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इसके डीएनए सबूत मिले हैं कि मुंह से बैक्टीरिया दिमाग में जा सकते हैं।