देवरानी और जेठानी का रिश्ता भी बड़ा मजेदार होता है। कभी दोनों मिलकर घर के काम निपटाती हैं तो कभी एक-दूसरे की ऐसी खिंचाई करती हैं कि आसपास बैठे लोग भी हंसने लगते हैं। कभी शॉपिंग के खर्च पर चर्चा होती है, तो कभी रसोई में बनाई गई सब्जी पर। दोनों के बीच प्यार हो तो छोटी-सी नोकझोंक भी दिन का सबसे मजेदार किस्सा बन जाती है। एक तरफ जेठानी अपने अनुभव का रौब दिखाती हैं, तो दूसरी तरफ देवरानी अपने जवाबों से सारी बाजी पलट देती है। इन्हें पढ़िए और देखिए कि कौन किस पर भारी पड़ता है।
फनी जोक्स: देवरानी- आज आपकी सब्जी बहुत अच्छी बनी है, जेठानी ने दिया ऐसा जवाब कि बोलती हुई बंद
Funny Jokes: देवरानी-जेठानी के ये मजेदार जोक्स घर के काम, शॉपिंग, बचत और रोजमर्रा की आदतों पर हल्का-फुल्का हास्य पेश करते हैं। दोनों की नोकझोंक और हाजिरजवाबी वाले ये चुटकुले परिवार के साथ पढ़ने और मुस्कुराने के लिए बढ़िया हैं।
देवरानी - दीदी, आज आपकी सब्जी बहुत अच्छी बनी है।
जेठानी - सच में? आज तो तुमने दिल खुश कर दिया।
देवरानी - हां दीदी, बस एक बात समझ नहीं आई।
जेठानी - क्या?
देवरानी - इतनी अच्छी सब्जी आपने बनाई है, फिर कल वाली सब्जी मुझे ही क्यों खत्म करनी पड़ी थी?
जेठानी - आज घर का काम आधा-आधा बांट लेते हैं।
देवरानी - बिल्कुल दीदी, आप आधा काम कर लीजिए और मैं बाकी आधे की निगरानी कर लूंगी!
जेठानी - वाह! तुम्हें तो काम बांटने में महारत हासिल है।
देवरानी - अनुभव से सीखा है दीदी, घर चलाने में दिमाग भी तो लगाना पड़ता है!
जेठानी - मैं तो रोज सुबह पांच बजे उठ जाती हूं। तुम्हें भी जल्दी उठने की आदत डालनी चाहिए।
देवरानी - बिल्कुल दीदी, कोशिश करूंगी।
जेठानी - कल से शुरू कर देना।
देवरानी - ठीक है, लेकिन एक शर्त है।
जेठानी - कैसी शर्त?
देवरानी - आप पांच बजे उठकर मुझे फोन कर देना, ताकि मेरी नींद खुलने की जिम्मेदारी भी आपकी हो!
देवरानी - दीदी, आप हर बात में अपना अनुभव क्यों बताती हैं?
जेठानी - क्योंकि मैं तुमसे बड़ी हूं और मुझे ज्यादा अनुभव है।
देवरानी - मान गई दीदी, आपका अनुभव बहुत काम का है।
जेठानी - अच्छा! फिर मेरी बात मानोगी न?
देवरानी - जरूर, लेकिन पहले यह बताइए कि इतना अनुभव होने के बाद भी आप हर बार ऑनलाइन सामान देखकर क्यों कहती हैं कि फोटो में तो कुछ और था!
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)