डेंटिस्ट के पास जाने का नाम सुनते ही कई लोगों को अपने दांतों से ज्यादा बिल और इलाज की चिंता होने लगती है। कोई डॉक्टर की कुर्सी पर बैठते ही घबरा जाता है, तो कोई इलाज शुरू होने से पहले ही सवालों की झड़ी लगा देता है। वहीं, डेंटिस्ट भी मरीजों के ऐसे-ऐसे सवाल सुनते हैं कि उनके लिए अपनी हंसी रोकना मुश्किल हो जाता है। कभी मरीज चाहता है कि इलाज भी हो जाए और दर्द भी बिल्कुल न हो, तो कभी वह दांतों की परेशानी का ऐसा समाधान पूछता है कि डॉक्टर भी सोच में पड़ जाए। तो चलिए, पढ़ते हैं डेंटिस्ट और पेशेंट के पांच छोटे मजेदार जोक्स, जिनके जवाब आपको जरूर गुदगुदाएंगे।
वायरल जोक्स: डेंटिस्ट- बताइए, दांत में दर्द कहां हो रहा है? पेशेंट ने दिया ऐसा जवाब कि छूट जाएगी हंसी
Viral Jokes: डेंटिस्ट और पेशेंट के ये मजेदार जोक्स डॉक्टर की कुर्सी पर बैठने की घबराहट, मीठा खाने की आदत और इलाज के बिल जैसी रोजमर्रा की बातों को हंसी के अंदाज में पेश करते हैं। इन छोटे चुटकुलों को पढ़कर आपका मूड भी हल्का हो जाएगा।
पेशेंट - डॉक्टर साहब, मेरा दांत निकालना तो नहीं पड़ेगा?
डेंटिस्ट - कोशिश करेंगे कि दांत बच जाए।
पेशेंट - और अगर नहीं बचा तो?
डेंटिस्ट - फिर उसे निकालकर आपकी यादों में सुरक्षित रख लेंगे!
पेशेंट - डॉक्टर साहब, दांत है या पुरानी तस्वीर, जिसे संभालकर रखना है!
डेंटिस्ट - आप मीठा ज्यादा खाते हैं?
पेशेंट - नहीं डॉक्टर साहब, मैं तो बस चाय में चीनी डालता हूं।
डेंटिस्ट - दिन में कितनी बार?
पेशेंट - बस आठ-दस बार!
डेंटिस्ट - फिर तो चीनी चाय में कम और आपके दांतों के साथ ज्यादा रह रही है!
पेशेंट - डॉक्टर साहब, मेरा इलाज कितनी देर में पूरा हो जाएगा?
डेंटिस्ट - करीब आधा घंटा लगेगा।
पेशेंट - और दर्द कितनी देर रहेगा?
डेंटिस्ट - यह तो इलाज पर निर्भर करता है।
पेशेंट - फिर ऐसा कीजिए, पहले दर्द का समय बता दीजिए, इलाज मैं उसी हिसाब से करवाऊंगा!
डेंटिस्ट - लीजिए, आपका इलाज पूरा हो गया। अब दर्द कैसा है?
पेशेंट - दांत का दर्द तो कम हो गया, डॉक्टर साहब।
डेंटिस्ट - बहुत अच्छी बात है!
पेशेंट - लेकिन बिल देखते ही सिर में नया दर्द शुरू हो गया!
डेंटिस्ट - चिंता मत कीजिए, सिर के डॉक्टर का पता भी दे दूंगा!
(डिस्क्लेमर- इस कैटिगरी में लगाए गए जोक्स और चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल कंटेंट से लिए गए हैं। इनका मकसद सिर्फ लोगों को हंसाना है। हमारा उद्देश्य किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना या उसे नीचा दिखाना या किसी पर टीका-टिप्पणी करना बिल्कुल नहीं है)