कमल हासन तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेताओं में से एक हैं। फैंस को उनकी फिल्मों का बेसब्री से इंतजार रहता है। वह उन अभिनेताओं में से एक हैं जो हमेशा कुछ नया और अलग करने की सोचते हैं। उनका यह गुण उनके किरदारों और फिल्मों में साफतौर पर नजर आता है। फिल्म कल्कि 2898 एडी में भी वह अपने अलग लुक की वजह से इन दिनों लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं। आज के थ्रोबैक थर्सडे में हम आपको कमल हासन जुड़ा ही एक दिलचस्प किस्सा बताने जा रहे हैं।
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कमल हासन
- फोटो : इंस्टाग्राम
कोरोना संक्रमण काल में लगाए गए लॉकडाउन में मनोरंजन इंडस्ट्री पर बहुत गहरा और नकारात्मक प्रभाव डाला था। सिनेमाघरों के अनिश्चित काल के लिए बंद होने के कारण, कई फिल्म निर्माताओं ने दर्शकों का मनोरंजन को ध्यान में रखकर अपने कंटेंट को डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म पर रिलीज करना शुरू कर दिया था। इसके पीछा का मकसद लोगों को घर बैठे मनोरंजन मुहैया कराना था।
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कमल हासन
- फोटो : इंस्टाग्राम @ikamalhaasan
हालांकि, आपको जानकर हैरानी होगी कि कमल हासन उन फिल्मी शख्सियतों में से एक हैं, जिन्होंने कोरोना महामारी से वर्षों पहले फिल्मों को सीधा लोगों के घर तक पहुंचाने का प्रयास किया था। बात विश्वरूप (विश्वरूपम) के समय की है। साल 2013 में कमल ने अपनी इस फिल्म को डीटीएच (डायरेक्ट टू होम) पर रिलीज करने का फैसला किया था। फिल्म के तमिल संस्करण की कीमत 1000 रुपये और हिंदी संस्करण की कीमत 500 रुपये तक की गई थी।
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कमल हासन
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फिल्म को सिनेमाघरों से एक दिन पहले डीटीएच पर रिलीज किया जाना था। इस फैसले की वजह से कमल को थिएटर मालिकों, वितरकों की नाराजगी का भी सामना करना पड़ा था। जब थिएटर मालिकों ने विरोध जारी रखा और फिल्म का बहिष्कार करने की धमकी दी, तो उन्होंने घोषणा की कि वह फिल्म को डीटीएच और सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज करेंगे। अपने इस फैसले का बचाव करने के लिए उन्होंने एक प्रेस मीट का भी आयोजन किया था और बताया था कि तकनीक के अनूकूल होने के लिए वह ऐसा करना चाहते थे। यहां तक की उन्होंने भविष्यवाणी भी कर दी थी कि आगे चलकर सिनेमाघरों में रिलीज कम हो जाएंगी।
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हालांकि, कई अन्य कारणों से कमल हासन इस फिल्म को डीटीएच पर रिलीज नहीं कर सके थे। उस समय कमल भले ही फिल्म को लोगों के घरों तक सीधा नहीं पहुंता सके, लेकिन उनकी भविष्यवाणी बिल्कुल सही साबित हुई। मौजूदा परिदृश्य के हिसाब से देखें तो बहुत से निर्माता इन दिनों फिल्म के डिजिटल प्रीमियर के साथ आगे बढ़ रहे हैं। लोगों में फिल्म को देखने का तरीका विकसित हुआ है। अब सिनेमाघरों के साथ ओटीटी पर भी लोग फिल्म को देखना पसंद करते हैं।