अभिनेता संजय दत्त के कैंसर का पता चलने के बाद उनके फैंस के बीच शोक का माहौल है। हर कोई उनके जल्द ठीक होने की कमाना कर रहा है। संजय दत्त भी अपने इलाज के लिए अमेरिका जा सकते हैं, लेकिन उनके जाने पर एक पेंच अटक सकता है। यह पेंच 27 साल पुराने मुंबई बम ब्लास्ट मामले से जुड़ा है। हम आपको बताते हैं कि संजय दत्त का क्या था वह विवाद।
अमेरिका जाने में मुश्किल बन सकता है मुंबई विस्फोट मामला, जानें वो पहली रिपोर्ट जिससे पता चला था संजय दत्त का अंडरवर्ल्ड कनेक्शन
संजय दत्त का यह विवाद मुंबई बम ब्लास्ट से जुड़े एक मामले का था। जिस खबर से दुनिया को संजय दत्त के मुंबई धमाकों के कनेक्शन का पहली बार पता चला था वो खबर छपी थी 16 अप्रैल, 1993 को। ये खबर मुंबई के एक टैबलायड 'डेली' में छपी थी। पहले पन्ने पर छपी खबर का शीर्षक था- 'संजय हैज एके-56 गन'। ये खबर लिखी थी मुंबई के क्राइम रिपोर्टर बलजीत परमार ने, उस वक्त अखबार के संपादक हुआ करते थे रजत शर्मा। बलजीत परमार को ये खबर कहां से मिली, इसके बारे में उन्होंने बीबीसी हिंदी को बताया, "वो 12 अप्रैल का दिन था, मुंबई में बम धमाकों के एक महीने पूरे हुए थे, तो मैं माहिम पुलिस स्टेशन गया था। बम धमाकों के मामले की जांच चल रही थी और पुलिस से कुछ सुराग मिलने की उम्मीद थी। बाहर ही एक आईपीएस अधिकारी मिल गए, मैंने पूछा कि नया क्या पता चला है, उन्होंने कहा कि आपके ही सांसद के बेटे का नाम आ रहा है।"
बलजीत परमार ने अपना दिमाग़ दौड़ाना शुरू किया, लेकिन उन्हें किसी सांसद या फिर उनके बेटे का नाम नहीं सूझा हालांकि वे जिस इलाके में रह रहे थे वहां से तब सुनील दत्त सांसद हुआ करते थे। बलजीत कहते हैं, "दत्त साब की छवि ऐसी थी कि मैं उनके बारे में सोच भी नहीं रहा था। मैं उनको अच्छे से जानता भी था, उनकी पदयात्रा में मैं महाराष्ट्र में उनके साथ घूम चुका था, मेरे पंजाबी होने की वजह से उनसे एक तरह की आत्मीयता भी थी।" ऐसे में वो सांसद कौन है और उसका बेटा कौन हो सकता है, इसको जानने के लिए उसी रात उन्होंने माहिम पुलिस स्टेशन और मुंबई बम धमाके की जांच से जुड़े एक दूसरे पुलिस अधिकारी से बात की।
बलजीत परमार कहते हैं कि उन्होंने जानकारी पाने के लिए उस पुलिस अधिकारी के सामने एक तरह से ग़लत बयानी की थी। बलजीत परमार बताते हैं, "मैंने मामले की जांच कर रहे एक वरिष्ठ अफसर से कहा कि आप लोगों ने सांसद के बेटे को उठा लिया है पूछताछ कर रहे हैं, तो उस पुलिस अधिकारी ने कहा कि अभी उठाया नहीं है, वो कहीं शूटिंग के लिए बाहर हैं, आने पर देखेंगे।" बलजीत ने जैसे ही शूटिंग सुना, उन्हें समझते देर नहीं लगी कि ये मामला सुनील दत्त से जुड़ा हो सकता है क्योंकि उस वक्त उनके बेटे संजय दत्त बॉलीवुड के सितारों में एक थे।
बलजीत को ये भी मालूम हो चुका था कि संजय दत्त 'आतिश' फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में मॉरीशस में थे। इसके बाद बलजीत परमार ने पूरी कहानी जुटा ली। पुलिस सूत्रों से उन्हें वो सब मालूम हो गया था कि जिस पर उन्हें यकीन नहीं हो रहा था कि किस तरह से संजय दत्त के पास एके-56 जैसे हथियार रखे गए थे। ये सारी बातें समीर हिंगोरा और यूसुफ नलवाला ने मुंबई पुलिस को बताई थीं। ये दोनों उस वक्त संजय दत्त की फिल्म 'सनम' के प्रोड्यूसर थे। इन दोनों से पूछताछ के बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर अमरजीत सिंह समरा की प्रेस कांफ्रेंस में 12 अप्रैल को ही ये सवाल भी पूछा गया था कि क्या संजय दत्त की भी कोई भूमिका हो सकती है, उन्होंने तब इतना ही कहा था कि अभी जांच चल रही है। शक और कयास के दौर में बलजीत परमार को सटीक जानकारी मिल रही थी।