एक तरफ जहां यशराज फिल्म्स (वाईआरएफ) अपनी 50वीं वर्षगांठ का जश्न मनाने के लिये तैयार है। तो वहीं दूसरी ओर यशराज विवाद भी बढ़ता नजर आ रहा है। हाल ही में यशराज फिल्म्स पर इंडियन परफॉर्मिंग राइट सोसाइटी (आईपीआरएस) ने एक एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसके बाद अब सलीम मर्चेंट ने भी इस विवाद से जुड़ा एक खुलासा किया है। बता दें कि संगीतकार, गीतकार और संगीत निर्माताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले आईपीआरएस ने यशराज फिल्म्स पर अनधिकृत रूप से आईपीआरएस सदस्यों की संगीत रॉयल्टी में से करीब 100 करोड़ रुपये एकत्र करने का आरोप लगाया है।
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Salim and Sulaiman Merchant
दरअसल द क्विंट को दिए एक इंटरव्यू में सलीम मर्चेंट ने इस मामले पर अपनी बात रखी। सलीम ने कहा कि, 'सुलेमान और उन्होंने यशराज फिल्म्स के लिए ढेर सारा काम किया है लेकिन बावजूद इसके उनको उनके हिस्से के शेयर का पेमेंट नहीं मिला। यशराज कंपोजर और लेखकों की ओर से दूसरों से पैसा तो ले लेता था लेकिन कंपोजर्स और लेखकों को उनके हक का पैसा मिला या नहीं, ये नहीं पता। हालांकि मुझे और सुलेमान को तो पेमेंट नहीं दिया गया।'
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salim merchant
- फोटो : Social Media
वहीं जब पैसे न मिलने का करियर पर असर को लेकर सवाल किया गया तो सलीम ने कहा कि, 'आज खुद के लिए म्यूजिक बना सकते हैं। आप एक अलग से एलबम या सिंगल गाना बना सकते हैं, जिसे आप गाना, स्पॉटिफाई, जीयो सावन और विंक म्यूजिक जैसी स्ट्रीमिंग साइट्स पर देकर रेवन्यू ले सकते हैं। इसके साथ ही मैं फिल्मों के लिए भी म्यूजिक बनाता हूं। लेकिन सिर्फ हिंदी फिल्में नहीं। वहीं अगर किसी फिल्म का ऑफर आता भी है तो मेरी खुद की कुछ शर्ते होती हैं।'
वहीं पूरे मामले की बात करें तो मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) में दायर एफआईआर में, आईपीआरएस ने आरोप लगाया था कि वाईआरएफ ने कलाकारों पर दबाव डालकर अवैध समझौतों पर हस्ताक्षर करवाया और दूरसंचार कंपनियों, रेडियो स्टेशनों और संगीत स्ट्रीमिंग प्लेटफार्फ से रॉयल्टी इकट्ठा करने से रोका है। आईपीआरएस का कहना है कि 100 करोड़ रुपये तो असल आंकड़े का सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा है। भविष्य में अन्य प्रोडक्शन हाउस और स्टूडियो के खिलाफ भी इसी तरह के शिकायत दर्ज होंगी जिसमें बड़ी तादाद में घपले सामने आएंगे।
दर्ज कराए एफआईआर में वाईआरएफ के निदेशक आदित्य चोपड़ा और उदय चोपड़ा का नाम शामिल है। इसके अनुसार प्रोडक्शन हाउस कलाकारों और संगीत निर्माताओं की ओर से रॉयल्टी जमा नहीं कर सकता है क्योंकि यह आईपीआरएस का अधिकार है। इस मामले में यशराज फिल्म्स का पक्ष जानने के लिये जब उनसे संपर्क किया गया तो कंपनी ने फिलहाल इस मुद्दे पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। आईपीआरएस संगीतकार, संगीत निर्देशक, गीतकार और संगीत के प्रकाशकों से जुड़ी एक संस्था है। यह भारत में संगीत के उपयोग की अनुमति देने और लाइसेंस जारी करने वाली एकमात्र अधिकृत संस्था है।