बॉलीवुड इंडस्ट्री में कई ऐसी अभिनेत्रियां हैं, जिन्हें ‘घर तोड़ने वाली’ का टैग मिल चुका है। इस लिस्ट में बॉलीवुड की सुपरहिट अभिनेत्री स्मिता पाटिल का नाम भी शामिल है। स्मिता अपने शानदार करियर के बाद भी अपनी पर्सनल लाइफ की वजह से चर्चाओं में रहती थीं और इसकी वजह उनकी और राज बब्बर की शादी थी। दोनों की शादी की खबरें लंबे समय तक हेडलाइंस में बनी रही थीं, क्योंकि राज ने पहली पत्नी नादिरा को तलाक दिए बिना स्मिता पाटिल संग शादी रचाई थी। इसी वजह से एक्ट्रेस को घर तोड़ने वाली महिला का टैग मिला था।
राज बब्बर और स्मिता पाटिल के कई ऐसे किस्से हैं, जो आज भी सुर्खियों में रहते हैं। लेकिन एक बार राज बब्बर ने अपने इंटरव्यू में स्मिता संग अपने रिश्ते पर खुलकर बात की थी। इतना ही नहीं, उन्होंने ये भी बताया था कि, उनके और स्मिता के रिश्ते से नादिरा को कोई परेशानी नहीं थी और स्मिता की वजह से उनका और नादिरा की रिश्ता नहीं टूटा था।
अभिनेता राज बब्बर से ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ को एक इंटरव्यू दिया था, जिसमें अभिनेता से उनकी पर्सनल लाइफ से जुड़े कई सवाल पूछे गए थे। इस इंटरव्यू में राज ने स्मिता पाटिल संग अपने अफेयर पर पहली पत्नी नादिरा की प्रतिक्रिया के बारे में भी बताया था।
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raj babbar
- फोटो : फाइल फोटो
उन्होंने कहा, ‘स्मिता और मेरे रिश्ते से नादिरा को कोई परेशानी नहीं थी। मेरे और स्मिता के बीच नजदीकियां बस बढ़ गई थीं। नादिरा मेरी भावनाओं को समझती थीं, क्योंकि वह मैच्योर थीं। जूही (पहली पत्नी से हुई बेटी) स्मिता को काफी पसंद करती थीं।’
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Raj Babbar and Smita Patil
- फोटो : file photo
इसके आगे राज बब्बर ने कहा था, ‘स्मिता मेरी लाइफ में अचानक आ गई थी। इसकी मुझे भी उम्मीद नहीं थी। जब मेरी स्मिता से पहली मुलाकात हुई थी, तब ही मुझे एहसास हो गया था कि, उनके चरित्र में एक गहराई है। वह बहुत ही मिलनसार महिला थीं। वह कभी-कभी चीजों पर मेरी सलाह लेती थीं। धीरे-धीरे हमारे बीच एक रिश्ता बन गया।’
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नादिरा और राज बब्बर
- फोटो : सोशल मीडिया
1986 में स्मिता पाटिल का निधन हो गया था, जिसके बाद राज बब्बर अपनी पहली पत्नी के पास लौट गए थे। हालांकि, कई लोगों ने नादिरा को ‘पायदान’ कहा था। इस पर राज ने कहा था, ‘ये सब बकवास है। जो भी लोग ऐसी बातें कर रहे हैं, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि, अगर आपके पास बच्चे हैं, तो पायदान बनना बेहतर है। पायदान बनना और अपने बच्चों को एक पिता देना बेहतर है। सिर्फ अपने बारे में सोचना से अच्छा पायदान बनना है।’