चैनलों पर आने वाले मनोरंजक धारावाहिकों में प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। ऐसे में टीआरपी (टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट) ही तय करती है कि कौन कितना बेहतर है। यहीं कारण बड़े सितारे अब चैनलों की टीआरपी बढ़ाने के लिए छोटे पर्दे पर दिखाई देने लगे हैं। इसमें शाहरुख खान तक पीछे नहीं है। यह बात 1990 की सुपरहिट फिल्म ‘आशिकी’ के हीरो राहुल रॉय कहीं।
एसके फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले बनने वाली फिल्म ‘कृपा करो साईं’ का प्रमोशन करने झांसी आए राहुल रॉय ने कहा कि फिल्मी दुनिया में कलाकार और टेक्नीशियनों को काम मिलना आसान नहीं रह गया है, जो भी मुंबई इस गलतफहमी में जाते हैं वह पहले अपने खाने-पीने की जुगाड़ पुख्ता रखें और धैर्य रखें। नहीं तो असफलता ही हाथ लगेंगी।
‘आशिकी’ फिल्म की तरह अभी आ रही फिल्मों के गाने लोग लंबे समय तक नहीं गुनगुनाते इस सवाल पर उनका कहना था कि पहले लव स्टोरी को आगे बढ़ाने के लिए लोग रोमांस करते थे, लेकिन अब सिर्फ पटाने के लिए? मतलब फिल्म चलाने भर के लिए गाने बनाए जा रहे हैं?
धार्मिक फिल्मों का दौर चला गया। इस सवाल पर उनका कहना था कि अगला दौर धार्मिक फिल्मों और धारावाहिकों का ही होगा। बड़े- बड़े निर्देशक धार्मिक ग्रंथों को पर्दे पर लाने का काम कर रहे हैं। लंबे समय से बड़े पर्दे से गायब चल रहे राहुल रॉय ने बताया कि उनकी जल्द ही छह फिल्में आने वाली हैं। इनमें द मेसेज, वेलकम टू रुसिया, लव सीजन, नाइट ऑफ फॉग शामिल है।