आरती अग्रवाल तेलुगू सिनेमा की एक ऐसी हीरोइन थीं जिन्होंने कम उम्र में ही महेश बाबू, नागार्जुन और चिरंजीवी जैसे साउथ फिल्म इंडस्ट्री के हर टॉप एक्टर के साथ काम किया, लेकिन उनकी जिंदगी बेहद दर्द भरी रही।
17 साल की उम्र में ही आरती अग्रवाल को स्टारडम, नाम-शोहरत हासिल कर लिया था। प्रोफेशनल जिंदगी में जहां आरती दिन-ब-दिन सफलता की सीढि़यां चढ़ रहीं थीं वहीं निजी जिंदगी में वो काफी पीछे छूटती जा रहीं थीं। कुछ ही वक्त में आरती अग्रवाल की किस्मत ने ऐसा पलटा मारा कि जो आरती अपने खुशमिजाज अंदाज के लिए जानी जाती थी, वो डिप्रेशन में चली गई।
इसके बाद तो एक के बाद एक कई परेशानियों ने उन्हें घेर लिया था। एक तरफ ब्वॉयफ्रेंड से ब्रेक-अप होने के बाद आरती अग्रवाल ने आत्महत्या की कोशिश की तो वहीं दूसरी तरफ अचानक ही एक दिन उनके साथ एक और भयंकर हादसा हो गया जिसमें उनके सिर में गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। आरती के परिवारवालों के मुताबिक आरती अपने अपार्टमेंट की सीढ़ियों से फिसलकर गिर गईं थीं, जबकि लोगों का कहना था कि आरती ने दोबारा आत्महत्या की कोशिश की थी।
इस घटना का आरती पर बुरा असर हुआ और वो कोमा में चलीं गईं। दिन बीतते गए लेकिन आरती की तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके कुछ वक्त बाद आरती कोमा से बाहर तो आ गईं लेकिन उनकी जिंदगी दवाइयों के सहारे टिक गई। दवाइयों के चलते आरती काफी मोटी हो गईं। सिर में आई चोटों की वजह से आरती के सिर का ऑपरेशन भी करना पड़ा जिसमें उन्हें गंजा होना पड़ा। इस दौरान आरती को फिल्में मिलना भी बंद हो गईं।
आरती फिल्मों में काम करने के लिए तरस रहीं थीं लेकिन जल्द ही उनकी ये मंशा पूरी हो गई। इस फिल्म में आरती अग्रवाल को विग पहनकर काम करना पड़ा क्योंकि कोमा के दौरान सिर के एक ऑपरेशन के चलते उन्हें गंजा होना पड़ा था। लेकिन इस फिल्म से आरती के करियर को कोई फायदा नहीं हुआ।
ताज्जुब की बात है कि एक वक्त पर जो हीरोइन साल में चार से पांच फिल्में कर रही थी बाद में उसे कोई फिल्म नसीब नहीं हुई।