'मिस्टर नटवरलाल', 'उमराव जान' और 'सिलसिला' जैसी हिंदी फिल्मों से अभिनय की अमिट छाप छो़डने वाली सदाबहार अभिनेत्री रेखा कहती हैं कि वह कभी भी अभिनेत्री बनना नहीं चाहती थीं। लेकिन अब, जब वह पीछे मु़डकर देखती हैं, तो उन्हें खुशी होती है कि उन्होंने अभिनय को करियर के रूप में चुना।
फिल्म जगत में आना मेरी पहली पसंद नहीं थी
रेखा (59) ने कहा, "फिल्म जगत में आना मेरी पहली पसंद नहीं थी, लेकिन मैं खुश हूं कि यह हुआ। मुझे लगता है कि मैं इसके काबिल थी। वह कहती है, "फिल्म "खून भरी मांग" करते समय मुझे महसूस हुआ कि मैं सिर्फ और सिर्फ अभिनेत्री बन सकती हूं और कुछ नहीं।"
सुभाष घई के समारोह में किया खुलासा
रेखा फिल्म निर्देशक सुभाष घई के ह्विसलिंग वूड्स इंटरनेशनल इंस्टीटयूट में "सेलेब्रेट सिनेमा" महोत्सव में शिरकत करने पहुंची थीं। समारोह में उन्होंने अपने जीवन और करियर के बारे में भी विचार साझा किए।