{"_id":"589ad4b74f1c1b224a379a51","slug":"success-story-of-walt-disney-an-absolute-motivation","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कभी खाने को नहीं थे पैसे, मात्र 19वें साल में बच्चोंं को दी मशहूर कार्टून की सौगात","category":{"title":"Success Stories","title_hn":"सफलताएं","slug":"success-stories"}}
कभी खाने को नहीं थे पैसे, मात्र 19वें साल में बच्चोंं को दी मशहूर कार्टून की सौगात
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 08 Feb 2017 03:21 PM IST
विज्ञापन
5 दिसंबर 1901 को शिकागो में जन्में वॉल्ट डिजनी को बचपन से ही सबसे अलग और अनोखा शौक था, और वो था कार्टून बनाने का। वे हॉलीवुड कलाकार बनना चाहते थे, लेकिन ऐसा कभी नही हुआ।
Trending Videos
मात्र 19 साल की उम्र में उन्होनें अपनी कार्टून कम्पनी खोल ली थी, लेकिन उनका एक भी कार्टून नही बिका और पैसे की कमी के चलते उनके पास किराये और खाने के पैसे भी नही थे, इसलिए उन्हे अपने दोस्तों के पास रहना पड़ता था।
22 साल की उम्र तक उनके पास खाने-पीने के पैसे भी नही थे, लेकिन वे पीछे नही हटे। हर जगह से उन्हें निराशा मिली न्यूजपेपर से भी उन्हें आलसी और निकम्मा बताकर निकाल दिया था।
इसके बावजूद अपने हौसले को बुलंद रखते हुए वे आगे बढे।
इसके बावजूद अपने हौसले को बुलंद रखते हुए वे आगे बढे।
विज्ञापन
विज्ञापन
25 साल की उम्र में उन्होने एक गैराज को स्टूडियो में तब्दील किया और पांच साल बाद उन्हें 'एलिस इन कार्टूनलैंड' और 'ओसवर्लड दि रेबिट' के ऐनिमेशन से पहली सफलता मिली। यह सफलता छोटी ही थी क्योंकि 1928 में ओसवर्लड दि रेबिट के उनके सहकर्मियों ने उनका साथ छोड़ दिया। आगे की स्लाइड में जानें कैसे संभले वाल्ट।
विज्ञापन
कार्टून बनाने के शौक के चलते एक दिन उन्होनें ट्रेन में मिक्की माउस बनाया जो बाद में उनकी कंपनी का सिंबल भी बन गया। यही वो कार्टून है जिसने उन्हे दुनिया की सैर कराई। इस कार्टून ने उन्हें रातों रात नाम और शोहरत दिलाई। उनका ये कार्टून आज तक हर उम्र के लोगो पर कब्जा जमाए हुए है।
कमेंट
कमेंट X