भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन का खेल खत्म हो चुका है। दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 277 रन बनाए। पहले दिन के लिहाज से कंगारू टीम ने एक अच्छा स्कोर किया। मगर टीम इंडिया के गेंदबाज हनुमा विहारी ने क्या जबरदस्त 'बाउंसर' मारकर टीम इंडिया को दो विकेट दिलाया, जिसकी चर्चा चारों तरफ हो रही है।
दरअसल, ऐसा कहा जाता है कि पर्थ का यह ऑप्टस स्टेडियम तेज गेंदबाजों के लिहाज से शानदार है और तेज गेंदबाजों के विकेट मिलने की संभावना ज्यादा रहती है। इसलिए दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम तार तेंज गेंदबाजों के साथ मैदान पर उतरी है। इन तेज गेंदबाजों में इशांत शर्मा, उमेश यादव, इशांत शर्मा और मोहम्मद शमी का हैं।
हालांकि, जिस हिसाब से कहा जाता है कि पर्थ का ऑप्टस मैदान तेज गेंदबाजों के लिहाज से अच्छा है। दरअसल, पहले दिन ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज पहले सेशन में वैसा कुछ चमत्कार नहीं कर सके। इसके बाद कप्तान विराट कोहली को दूसरा ऑप्शन तलाशने पड़े और उन्होंने हनुमा विहारी को गेंदबाजी सौंपी।
बता दें कि हनुमा विहारी जब गेंदबाजी करने आए तो ऑस्ट्रेलिया का स्कोर बिना किसी विकेट के नुकसान पर 103 था। उन्होंने पहले ओवर में 9 रन दिए। अगला ओवर जसप्रीत बुमराह ने फेंका। उन्होंने एरोन फिंच को एलबीडब्ल्यू आउट कर टीम इंडिया को पहली कामयाबी दिलाई। इसके बाद विहारी को बॉलिंग से हटा लिया गया।
इसके बाद हनुमा विहारी को 49वें ओवर में गेंदबाजी करने के लिए बुलाया और उन्होंने इस ओवरी की दूसरी ही गेंद पर मार्कस हैरिस को अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच आउट कराकर टीम इंडिया को तीसरी सफलता दिलाई। यह गेंद बाउंसर था। करीब-करीब यह गेंद चेस्ट की ऊंचाई तक जंप की। इससे पहले 130 रन के स्कोर पर ऑस्ट्रेलिया के 2 विकेट गिर चुके थे। इसके बाद उन्होंने 77वें ओवर की आखिरी गेंद पर शॉन मार्स को रहाणे के हाथों कैच आउट कराया।