पृथ्वी शॉ अलग गुणी खिलाड़ी हैं और इस वजह से युवा को जल्द ही टीम इंडिया में मौका मिला। युवा बल्लेबाज से प्रभावित कप्तान विराट कोहली ने वेस्टइंडीज पर पहले टेस्ट में विशाल जीत दर्ज करने के बाद यह बात कही। मुंबई के बल्लेबाज को वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू टेस्ट में शतक जमाने के लिए मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया।
शॉ टेस्ट डेब्यू में शतक जमाने वाले भारत के सबसे युवा जबकि विश्व के चौथे बल्लेबाज बने। उन्होंने 134 रन बनाए और टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को इस टेस्ट में एक पारी और 272 रन के विशाल अंतर से मात दी। मैच के बाद कप्तान कोहली ने कहा, 'पृथ्वी के लिए बहुत खुश हूं। उन्होंने पहले ही मैच में शतक जमाकर दर्शाया कि वह अलग खिलाड़ी हैं। यही वजह है कि उन्हें जल्द ही टेस्ट क्रिकेट खेलने का मौका मिला। कप्तान के रूप में उन्हें गेंदबाजों पर हावी होते हुए खेलते देखने का अनुभव बड़ा आनंदमयी रहा।'
कोहली ने इसके बाद अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर का पहला शतक जमाने वाले रविंद्र जडेजा की तारीफ करते हुए कहा, 'जड्डू ने शानदार प्रदर्शन किया। वह पहले भी हमारे लिए कई महत्वपूर्ण पारियां खेल चुका है और हम चाहते थे कि वह शतक जमाए। हमे विश्वास है कि जडेजा हमारे लिए मैच का परिणाम बदलकर दे सकता है।'
कोहली ने वेस्टइंडीज पर दबाव बनाने के लिए अपने तेज गेंदबाजों मोहम्मद शमी और उमेश यादव की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'अगर आपने पहली पारी देखी तो पाया होगा कि शमी और यादव ने किस तरह गेंदबाजी की। नई गेंद से विकेट लेकर उन्होंने विरोधी टीम पर दबाव बनाया। शमी ने ऐसी पिच पर विकेट चटकाए, जिसमें तेज गेंदबाजों के लिए कुछ मौजूद नहीं था।'
वहीं पहले टेस्ट में करारी शिकस्त झेलने के बाद विंडीज के कप्तान क्रैग ब्रेथवेट ने कहा, 'टीम इंडिया ने शानदार खेला और हमें दिखाया कि कैसे बल्लेबाजी करना है। एक बल्लेबाजी इकाई के रूप में हमने बड़ी साझेदारियां नहीं की, जिससे नुकसान हुआ। मेरे ख्याल से हमारे बल्लेबाजों में मैच पलटने की क्षमता है। हमें दो या तीन बड़ी साझेदारियों की जरूरत थी।'