टीम इंडिया ने शनिवार को दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में वेस्टइंडीज को पारी व 272 रन से करारी मात दी। भारतीय टीम के लिए यह ऐतिहासिक जीत है। यह जीत टीम इंडिया को हमेशा याद रहेगी, क्योंकि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में भारतीय क्रिकेट टीम की यह सबसे बड़ी जीत है।
स्कूल क्रिकेट में ही रखी अपनी सफलता की नींव, अब बनाया ऐतिहासिक मुकाम, नाम है पृथ्वी शॉ
टीम इंडिया की इस विशाल जीत को 18 वर्षीय युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ के लिए भी याद रखा जाएगा। यह इसलिए क्योंकि उन्होंने अपने डेब्यू मैच में जिस तरह का कीर्तिमान रचा, ऐसा अभी तक किसी युवा खिलाड़ी ने इतनी कम उम्र में नहीं रचा था। शॉ 18 वर्ष 329 दिन में शतक डेब्यू मैच में शतक जड़ने वाले सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए और कई तोड़े। मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने के लिए इस युवा नायाब सितारा को मैन ऑफ द मैच से नावाजा गया। शॉ के लिए खुशी का ठिकाना नहीं था। और होगा भी क्यों नहीं पहला मुकाबला, पहला शतक और मैन ऑफ मैच। तीनों एक साथ तो खुशी से लबरेज होना तो लाजमी है।
वो कहते है न कि पूत के पैर पालने में ही दिख जाते हैं। 18 वर्षीय सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने पहली बार स्कूली क्रिकेट में धमाल मचाकर सुर्खियों में आए थे। रणजी ट्रॉफी और दिलीप ट्रॉफी में शतक जड़ कर आगाज करने और अपनी कप्तानी में इसी साल भारत को अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप का खिताब दिलाने वाले शॉ अपने डेब्यू मैच को इतना खास बनाया, जिसे शायद ही वो कभी भूल पाएंगे। पृथ्वी ने अपनी प्रतिभा का ऐसा परचम लहराया, जिसे कुछ दशक तक भूलना काफी मुश्किल होगा।
इंग्लैंड दौरे पर 1-4 से करारी हार झेलने वाली टीम इंडिया ने अपनी पूरी कसक वेस्टइंडीज के खिलाफ निकाल दी। इंग्लैंड दौरे पर भी वंडर ब्वॉय पृथ्वी शॉ का चयन हुआ था, लेकिन वहां उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ भी इस युवा बल्लेबाज का सिलेक्शन किया गया और पहले ही में उन्होंने जबरदस्त कमाल दिखाया। वह टीम इंडिया की तरफ से टेस्ट में पदार्पण करने वाले 293वें खिलाड़ी बने।
पृथ्वी शॉ को देखकर ऐसा लग ही नहीं रहा था कि वह अपना पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं। हां, ऐसा होगा भी क्यों ? जो खिलाड़ी अपने रणजी डेब्यू में शतक, दलिप ट्रॉफी डेब्यू में शतक जमा चुका हो। वह तो आत्मविश्वास से भरा होगा ही। वेस्टइंडीज के खिलाफ बल्लेबाजी करने उतरे शॉ काफी उत्साहित, खुशी से लबरेज, चेहरे की खिलखिलाहट और आत्मविश्वास से परिपूर्ण लग रहे थे। ये सारी चीजें सब बयां कर रही थी कि यह 18 वर्षीय नायाब सितारा आज कुछ कर दिखाएगा। आखिर हुआ भी वही जो होना था। पृथ्वी शॉ ने शतक जड़ सबको अचंभा कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए और कई तोड़े।