महेंद्र सिंह धोनी दबाव की स्थिति से बाहर निकालकर टीम इंडिया को जीत दिलाने में माहिर हैं। उन्होंने रविवार को कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे व अंतिम वन-डे में इसे बखूबी साबित भी किया। धोनी ने अपने स्मार्ट फैसले से दीवार की तरह अड़े कीवी बल्लेबाज टॉम लैथम को रनआउट किया, जो मैच का टर्निंग पॉइंट भी साबित हुआ।
धोनी की 'स्मार्टनेस' से हारा न्यूजीलैंड, ऐसे किया घातक बल्लेबाज का काम तमाम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बता दें कि टीम इंडिया ने तीसरे वन-डे में कीवी टीम को 6 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम की। मेजबान टीम ने पहले बल्लेबाजी की और रोहित शर्मा (147) व कप्तान विराट कोहली (113) के शतकों की मदद से 50 ओवर में 6 विकेट पर 337 रन बनाए। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 331 रन ही बना सकी। इसी के साथ टीम इंडिया ने लगातार सात वन-डे सीरीज जीतने का कमाल भी किया।
बहरहाल, सांस थाम देने वाले इस मैच में एक समय कीवी टीम पूरी तरह हावी थी और लग रहा था कि टीम इंडिया मुकाबले के साथ-साथ सीरीज गंवा देगी। मगर विराट कोहली शांत दिख रहे थे, क्योंकि धोनी ने मैदान के अंदर कमान संभाल ली थी। ये तो साफ है कि भले ही धोनी आज टीम के कप्तान नहीं हो, लेकिन जब भी टीम को उनकी जरूरत होती है या फिर टीम मुसीबत में होती है तो धोनी सामने आकर बड़ी भूमिका निभा जाते हैं।
दरअसल, रॉस टेलर (35) और टॉम लैथम (65) क्रीज पर जमे हुए थे और दोनों आसानी से रन बना रहे थे। दोनों को कोई तकलीफ नहीं हो रही थी। फिर बुमराह ने टेलर को पॉइंट में जाधव के हाथों कैच आउट कराकर इस साझेदारी को तोड़ा। मगर लैथम अंगद की तरह क्रीज पर डटे रहे और टीम इंडिया का सिरदर्द बने रहे। हालांकि, पारी के 48वें ओवर की पांचवीं गेंद पर धोनी ने अपनी स्मार्टनेस से लैथम को रनआउट करके टीम इंडिया की जीत पक्की कर दी।
जसप्रीत बुमराह ये ओवर कर रहे थे, जिन्होंने कॉलिन डी ग्रैंडहोम को बीट किया। नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़े लैथम रन लेने के लिए दौड़ पड़े। गेंद धोनी के हाथों में गई थी। धोनी को लगा कि बल्लेबाज रन ले रहे हैं, तो उन्होंने पहले स्ट्राइकर एंड पर थ्रो करने के मन बनाया। मगर ये देखते ही कि ग्रैंडहोम अपनी क्रीज में खड़े हुए हैं तो उन्होंने थ्रो सीधे बुमराह को दिया। ये धोनी की स्मार्टनेस और अनुभव ही था कि गेंद विकेट पर मारने के बजाय गेंदबाज के हाथों में गई।