जब खेत में फसल लहलहाती है तो उसके पीछे किसान के खून पसीने की मेहनत छुपी होती है। किसान खेत की जुताई करता है, बीज डालता है, जरूरत के अनुसार सिंचाई करता है तब जाकर खेत हरा भरा दिखाई देता है। सिंचाई उन्नत फसल उगाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कई ऐसी फसलें है जिन्हें पानी ज्यादा चाहिए होता है और कुछ कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती हैं। आज भी भारत में किसानों के लिए सिंचाई एक ऐसा विषय है जिसपर काम किया जाना बाकी है क्योंकि कहीं खूब पानी है तो कहीं पानी की किल्लत है। अगर सिंचाई में किसान तकनीक का उपयोग करें तो पानी भी बचेगा और पैदावार भी अच्छी होगी जिससे आय भी बढ़ेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की शुरुआत की जिससे खेतों में पानी की कोई कमी न हो। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अगर सिंचाई को स्प्रिंकलर विधि से किया जाए तो कम पानी में भी हम अच्छी फसल ले सकते हैं। इसके लिए सरकार भी स्प्रिंकलर के यंत्रो को खरीदने के लिए सब्सिडी दे रही है। आइए जानें कि योजना से किसान कैसे लाभ ले सकते हैं-
Pm Kisan Sinchai Yojana: सिंचाई योजना से खेतों को मिलेगा भरपूर पानी, फसल होगी उम्मीद से ज्यादा
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना क्या है
किसानों को खेती के लिए पानी की कोई कमी न हो इसके लिए सरकार ने इस योजना में पचास हजार करोड़ रुपये की धनराशि मान्य की है। स्प्रिंकलर विधि से सिंचाई करने के लिए सरकार लागत का 80 से 90 प्रतिशत अनुदान देगी। इस विधि से खेत को बिना समतल किए ही सिंचाई की जा सकती है। ढलानों या कम ऊंचाई पर ये विधि बहुत प्रभावी हो रही है।
- किसान के पास खेती के लायक जमीन होनी चाहिए।
- सभी किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
- इस योजना का लाभ कृषि से संबंधित सभी मान्यता प्राप्त संस्थाओं को भी मिलेगा। जैसे: स्वयं सहायता समूह, ट्रस्ट, सहकारी समिति, आदि
- इस योजना का लाभ कॉन्ट्रेक्ट फॉर्मिंग यानी लीज पर लेकर खेती करने वाले भी ले सकते हैं। शर्त यह है कि कम से कम 7 वर्ष से खेती कर रहे हों।
- आधार कार्ड
- पहचान पत्र के लिए कोई प्रमाण पत्र
- जमीन के कागजात
- जमीन की जमाबंदी
- बैंक खाता डिटेल
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
- आलू
- मटर
- प्याज
- ब्रोकली
- स्ट्राबेरी
- मूंगफली
- सरसों
- पत्तेदार सब्जी
- दाल
- चाय
- अदरक
- फूलगोभी
- पत्तागोभी
- लहसुन