31 मार्च को वित्त वर्ष 2020-21 समाप्त हो जाएगा और एक अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत होगी। ऐसे में करदाताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके कर संबंधी सभी कार्य 31 मार्च से पहले पूरे हो जाएं। जुर्माने से बचने के लिए करदाताओं को इसी महीने कुछ कार्य निपटाने होंगे। वित्तीय वर्ष एक अप्रैल से 31 मार्च तक होता है। इस अवधि के दौरान लोगों द्वारा अर्जित आय पर कर की गणना की जाती है।
काम की खबर: इसी महीने पूरे कर लें ITR, पैन कार्ड, आदि से जुड़े ये चार कार्य, वरना लगेगा जुर्माना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संशोधित आयकर रिटर्न (ITR)
चालू वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले करदाताओं को संशोधित आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करना होगा। मालूम हो कि अगर कोई भी आयकर रिटर्न एक अप्रैल या इसके बाद दायर करता है, तो उसे लेट या बिलेटेड रिटर्न कहा जाता है। यदि आयकर रिटर्न पहले ही दाखिल किया जा चुका है और उसमें कोई भी बदलाव किए जाने हैं, तो करदाता को एक संशोधित रिटर्न दाखिल करना होता है। संशोधित रिटर्न की समय सीमा 31 मार्च है।
पैन और आधार को लिंक करना जरूरी
आयकर विभाग ने सभी पैन कार्ड को आधार से लिंक कराना अनिवार्य कर दिया है। इसलिए अगर आपने अभी तक अपने पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं किया है, तो अलर्ट हो जाइए। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) ने पर्मानेंट अकाउंट नंबर (PAN) और आधार लिंकिंग की आखिरी तारीख 31 मार्च 2021 तय की है। अगर आपने 31 मार्च तक यह काम नहीं किया, तो आपका पैन कार्ड बेकार हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप पर आयकर अधिनियम की धारा 272बी के तहत 10,000 रुपये का जुर्माना भी लग सकता है। इसलिए सभी पैन कार्ड धारकों को स्टेटस की जांच कर आधार से जल्द-जल्द लिंक कराना चाहिए।
विवाद से विश्वास योजना
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 17 मार्च 2020 को लागू की गई विवाद से विश्वास योजना के तहत घोषणा पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2021 है। योजना का उद्देश्य लंबित आयकर मुकदमेबाजी को कम करना है और सरकार के साथ-साथ करदाताओं को लाभ पहुंचाना है।
यह भी पढ़ें: जरूरी खबर: अगले महीने से अमान्य हो जाएंगी इन सात बैंकों की पुरानी चेकबुक, नहीं कर पाएंगे चेक से पेमेंट
अग्रिम कर
आयकर कानूनों के तहत, यदि किसी व्यक्ति पर एक वर्ष में 10,000 रुपये से अधिक की कर देयता है, तो वे चार किस्तों में अग्रिम कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होते हैं। वित्तीय वर्ष 2020-2021 के लिए अग्रिम कर की चौथी किस्त का भुगतान करने की समय सीमा 15 मार्च है।