नया साल शुरू होने में करीब डेढ़ महीना शेष है। साल 2020 में सभी की जिंदगी बदली है। कोरोना वायरस महामारी के बीच इस साल कई बदलाव हुए हैं और हमें बहुत कुछ सीखने को मिला है। वित्तीय निर्णयों को लेकर लोगों की सोच बदली है और स्वास्थ्य व जीवन बीमा का महत्व और बढ़ा है। ऐसे में हम आपको कुछ ऐसे निर्णयों या जरूरी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपको नव वर्ष शुरू होने से पहले लेने होंगे। ऐसा नहीं करने पर आपको दुष्परिणाम भी भुगतने पड़ सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।
काम की खबर: नया साल शुरू होने से पहले कर लें ये काम, वरना बाद में हो जाएगी देर
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आयकर रिटर्न दाखिल करना ना भूलें
कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने करदाताओं को राहत देते हुए आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाई थी। व्यक्तिगत करदाताओं के लिए वित्त वर्ष 2019-20 का आयकर रिटर्न भरने की समयसीमा बढ़कर 31 दिसंबर 2020 हो गई है। इसलिए सभी करदाता समय पर आयकर रिटर्न भर लें, ताकि बाद में उन्हें जुर्माना ना भरना पड़े।
नई और पुरानी टैक्स व्यवस्था का करें चुनाव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2020 में करदाताओं को इनकम टैक्स के मोर्चे पर राहत दी थी। बजट के दौरान नई टैक्स व्यवस्था का एलान किया गया। सरकार की ओर से यह व्यवस्था वैकल्पिक है, यानी आपके पास विकल्प है कि आप इस साल पुरानी टैक्स व्यवस्था के हिसाब से टैक्स भरेंगे या नई व्यवस्था के हिसाब से। इसका निर्णय आपको समयसीमा से पहले ही लेना होगा।
मालूम हो कि नई टैक्स व्यवस्था में पांच से 7.5 लाख रुपये तक की सालाना आय पर टैक्स रेट को घटाकर 10 फीसदी कर दिया गया है। 7.5 लाख से 10 लाख रुपये तक की सालाना इनकम वालों के लिए आयकर की दर 15 फीसदी कर दी गई है। 10 से 12.5 लाख रुपये तक की आय वालों पर अब 20 फीसदी और 12.5 लाख रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक की आय वालों पर 25 फीसदी की दर से टैक्स लगेगा। 15 लाख से ज्यादा की आय पर टैक्स रेट 30 फीसदी रहेगी।
बीमा पॉलिसी की करें जांच
साल 2020 में लोगों के लिए स्वास्थ्य और जीनव बीमा का महत्व बढ़ा है। कोरोना काल में लोग इंश्योरेंस की ओर ज्यादा आकर्षित हुए हैं। वहीं, जिन लोगों ने पहले से ही बीमा करा रखा था, वे अब हेल्थ इंश्योरेंस का दायरा बढ़ा रहे हैं। अगर आपने भी बीमा करा लिया है, तो यह चेक कर लें कि वह पर्याप्त है या नहीं। बड़े शहरों में रहने वाले लोगों को कम से कम पांच से 10 लाख रुपये तक का बीमा कराना चाहिए। जीवन बीमा की बात करें, तो यह सालाना आय का 10 से 20 गुना होना चाहिए।
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लोन रिफाइनेंसिंग के बारे में सोचें
कोरोना वायरस महामारी के दौरान लोगों को वित्तीय सहायता देने के लिए सरकार व केंद्रीय बैंक (RBI) ने छह महीनों के लिए लोन मोरेटोरियम (किस्तों में छूट) का विकल्प दिया था। वहीं इस दौरान सभी बैंकों ने लोन की दरें सस्ती की हैं। इसलिए आपको लोन रिफाइनेंसिंग के बारे में सोचना चाहिए। इससे आप पर लोन का बोझ थोड़ा कम होगा और काफी पैसा भी बचेगा। इसके लिए आप अपने बैंक से कहें कि वे आपको कम दर पर लोन दें या जिस बैंक में सस्ती दर पर लोन मिल रहा है, उस बैंक में अपना लोन ट्रांसफर कराएं।
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