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वैज्ञानिकों ने कर डाला ऐसा आविष्कार, महिलाओं को इससे बचने की है जरूरत

Thu, 17 May 2018 07:59 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 17 May 2018 07:59 AM IST
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Now the Robot Will Help You to Dress Up
Man remove clothe
क्या यह उस दौर का आगाज है जहां रोबोट इंसान की जगह ले लेंगे और आगे चलकर इंसान को अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करना होगा..? रोबोट, आज इंसानों का हर काम कर ले रहे हैं फिर चाहे वह किसी फैक्ट्री में उत्पाद निर्माण से जुड़ा कार्य हो या घर में किसी ग्रहणी द्वारा किया जाने वाला काम। याद कीजिए उस दौर को जब इंसान की जिंदगी में मशीनी इंकलाब की शुरुआत हुई थी। तब यह कहा गया कि मशीने इंसान के हर काम को आसान बना देगी। लेकिन क्या वास्तव में ऐसा है..? 

 
Now the Robot Will Help You to Dress Up
Pr2 robot
तुलना करें तो आज इंसानों की अपेक्षा जुराबों की जोड़ियां तलाशकर उन्हें सहेजकर रखने का मुश्किल काम करने में भी रोबोट ज्यादा माहिर है। वहीं ऐसी खबरें भी सामने आती रही हैं जहां चीन की कंपनी ऐसे कारखाने लगाने का दावा करती हैं जिनमें रोबोट काम करेंगे। यह पांच लाख कामगारों की जगह लेंगे। तो क्या वाकयी रोबोट एक दिन इंसानों की जगह ले लेंगे? इस बहस के निष्कर्ष पर पहुंच पाना बेहद मुश्किल है। उधर आविष्कारों का यह सिलसिला लगातार जारी है। 
 
Now the Robot Will Help You to Dress Up
Pr2 robot
इसी कड़ी में वैज्ञानिकों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ मिलकर एक ऐसा रोबोट विकसित किया है जो लोगों को उनके कपड़े पहनने व तैयार होने में मदद करेगा। इसके साथ ही वह घायल व दिव्यांग लोगों की सहायता भी करेगा। ‘पीआर2’ नाम की इस मशीन ने एक दिन में तकरीबन 11,000  बार मानव के कृत्रिम ढाचे को कपड़े पहनाना सिखाया। रोबोट द्वारा किए गए प्रयासों में कई विफल रहे जबकि कुछ में उसने शानदार तरीके से अपने काम को कर दिखाया। इस दौरान उसने मानव कृत्रिम ढांचे के हाथ और कोहनी को बहुत ही जटिलता से पकड़ा हुआ था। 

 
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अमेरिका में जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के पीएचडी छात्र जैकोरी एरिक्सन ने कहा कि लोग अकसर नए एक्सपेरिमेंट करते हैं और कई बार बड़ी गलतियां करके सीखते भी हैं। ऐसे ही हमने पीआर2 को भी एक मौका दिया है। एरिक्सन ने कहा, ‘एक इंसान का हजारों परीक्षण करना कभी-कभी खतरनाक होता है, उसके लिए ये सब अकेले कर पाना संभव नहीं हो पाता। लेकिन रोबोट ने सिर्फ एक दिन में मानव के कपड़े पहनने के तरीके को देखकर उसे अच्छे से सीख लिया है। वह जल्द ही कपड़े पहनने के अलग-अलग तरीकों को भी सीख जाएगा।’
 
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