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'सेक्सी पौधे' के बारे में आपने सुना है क्या? फसलों के साथ कुछ ऐसे करता है काम
बीबीसी हिंदी
Updated Sat, 16 Jun 2018 09:06 AM IST
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जरा सोचिए कि कोई पौधा हानिकारक कीड़ों में यौन आकर्षण पैदा कर उन्हें अपनी तरफ खींचे और फिर उन्हें मार डाले। सुनने में भले ही यह बड़ी अजीब सी बात लगे लेकिन स्पेन के वैज्ञानिकों ने यह साबित कर दिया है कि वे पौधों में अनुवांशिक बदलाव कर उससे फेरोमोन्स नामक रसायन पैदा कर सकते हैं। फेरोमोन्स वहीं रसायन पदार्थ है जिसे मादा कीड़े नर कीड़ो को आकर्षित करने के लिए निकालती हैं।
fruits
ससफायर प्रोजेक्ट
अब एक प्रोजेक्ट के तहत पौधों को इस तरीके से विकसित किया जाएगा कि वे फेरोमोन्स बनाने में सक्षम हो सकें। इस प्रोजेक्ट का नाम 'ससफायर' रखा गया है। इस योजना के एक सदस्य और वेलेंसिया में पॉलीटेक्निक यूनिवर्सिटी में शोधार्थी विसेंट नवारो ने बीबीसी से कहा, ''सोचिए कि कोई पौधा इस काबिल हो जाए कि वह कीड़ों को अपनी तरफ आकर्षित करे और जब कीड़ा उन पर बैठे तो वह मर जाए, फसल को बचाने के लिए यह बेहद कारगर तरीका हो सकता है।''
जब अधिक मात्रा में फेरोमोन्स पैदा होता है तो इससे नर कीड़े परेशान हो जाते हैं और वो मादा कीड़ों को खोज नहीं पाते, यही वजह है कि इन कीड़ों के प्रजनन में भी कमी आती है। नवारो बताते हैं कि यह तकनीक तो पहले से इस्तेमाल की जा रही है लेकिन इसमें बहुत अधिक खर्च आता है। वो बताते हैं, ''इसकी कीमत कई बार 23 हज़ार डॉलर से 35 हजार डॉलर और कभी-कभी तो 117 हज़ार डॉलर प्रतिकिलो तक पहुंच जाती है। इसका मतलब यह है कि फसल को कीड़ों से बचाने के लिए यह लागत बहुत ज्यादा है।''
अब एक प्रोजेक्ट के तहत पौधों को इस तरीके से विकसित किया जाएगा कि वे फेरोमोन्स बनाने में सक्षम हो सकें। इस प्रोजेक्ट का नाम 'ससफायर' रखा गया है। इस योजना के एक सदस्य और वेलेंसिया में पॉलीटेक्निक यूनिवर्सिटी में शोधार्थी विसेंट नवारो ने बीबीसी से कहा, ''सोचिए कि कोई पौधा इस काबिल हो जाए कि वह कीड़ों को अपनी तरफ आकर्षित करे और जब कीड़ा उन पर बैठे तो वह मर जाए, फसल को बचाने के लिए यह बेहद कारगर तरीका हो सकता है।''
जब अधिक मात्रा में फेरोमोन्स पैदा होता है तो इससे नर कीड़े परेशान हो जाते हैं और वो मादा कीड़ों को खोज नहीं पाते, यही वजह है कि इन कीड़ों के प्रजनन में भी कमी आती है। नवारो बताते हैं कि यह तकनीक तो पहले से इस्तेमाल की जा रही है लेकिन इसमें बहुत अधिक खर्च आता है। वो बताते हैं, ''इसकी कीमत कई बार 23 हज़ार डॉलर से 35 हजार डॉलर और कभी-कभी तो 117 हज़ार डॉलर प्रतिकिलो तक पहुंच जाती है। इसका मतलब यह है कि फसल को कीड़ों से बचाने के लिए यह लागत बहुत ज्यादा है।''
Insect
फसल से दूर ले जाकर मारेगा कीड़ों को
ससफायर प्रोजेक्ट में स्पेन, जर्मनी, स्लोवेनिया और ब्रिटेन के वैज्ञानिक साथ काम कर रहे हैं। जब कीड़े पौधों की तरफ आकर्षित होते हैं और उन पर बैठते हैं तो कीटनाशकों के जरिए उन पर नियंत्रण किया जाता है। ससफायर प्रोजेक्ट के ज़रिए कीड़ों को फसल से दूर ले जाया जाएगा और फिर उन्हें बाहर ही खत्म भी कर दिया जाएगा।
इस तरह किसी फसल में कीटनाशक का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, इसकी जगह जिस जगह फसल लगाई गई है उसके बाहर ऐसे पौधे लगाए जाएंगे जो कीड़ों को अपनी तरफ आकर्षित करें और उन पर बैठकर मर जाएं। इस बारे में नवारो बताते हैं, ''हमने 'निकोटिआना बेंथामिआना' प्रकार के पौधे के जरिए फेरोमोन्स बनाने में सफलता पाई है। अब हमारे सामने सवाल है कि हम इसे कुछ और सामान्य प्रकार के पौधों में बनाने में सफलता हासिल कर पाते हैं या नहीं।''
ससफायर प्रोजेक्ट में स्पेन, जर्मनी, स्लोवेनिया और ब्रिटेन के वैज्ञानिक साथ काम कर रहे हैं। जब कीड़े पौधों की तरफ आकर्षित होते हैं और उन पर बैठते हैं तो कीटनाशकों के जरिए उन पर नियंत्रण किया जाता है। ससफायर प्रोजेक्ट के ज़रिए कीड़ों को फसल से दूर ले जाया जाएगा और फिर उन्हें बाहर ही खत्म भी कर दिया जाएगा।
इस तरह किसी फसल में कीटनाशक का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, इसकी जगह जिस जगह फसल लगाई गई है उसके बाहर ऐसे पौधे लगाए जाएंगे जो कीड़ों को अपनी तरफ आकर्षित करें और उन पर बैठकर मर जाएं। इस बारे में नवारो बताते हैं, ''हमने 'निकोटिआना बेंथामिआना' प्रकार के पौधे के जरिए फेरोमोन्स बनाने में सफलता पाई है। अब हमारे सामने सवाल है कि हम इसे कुछ और सामान्य प्रकार के पौधों में बनाने में सफलता हासिल कर पाते हैं या नहीं।''
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Agriculture
फिलहाल ससफायर प्रोजेक्ट की समयसीमा तीन साल तय की गई है। उसके बाद इस बात का आंकलन किया जाएगा कि अलग-अलग कंपनियां इस प्रोजेक्ट में कितनी दिलचस्पी दिखाती हैं। नवारो के अनुसार बहुत सी कंपनियों ने इस प्रोजेक्ट में अपनी इच्छा जताई है लेकिन फिलहाल इसे पूरा होने में पांच साल तो लग ही जाएंगे। वे मानते हैं कि यह 'सेक्सी पौधे' कीटनाशकों की दुनिया में एक बड़ा बदलाव लेकर आएंगे।