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बिहार में शराबबंदी के बाद अब पुरुषों में आया ऐसा बदलाव, पत्नियों को हो रही हैरानी

Tue, 19 Jun 2018 09:15 AM IST
फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 19 Jun 2018 09:15 AM IST
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Husbands started expensive spend for wives after liquor ban in bihar
liquor ban
बिहार में शराबबंदी कानून क्या आया, सारे पति लाइन पर आ गए। जी हां, बिहार में कुछ ऐसा ही हो रहा है। पति अपनी पत्नियों की महंगी ख्वाहिशें पूरा करने में जुट गए हैं। आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्यो हो गया..? दरअसल, आंकड़े बता रहे हैं कि बिहार में शराबबंदी के बाद बड़ा बदलाव हुआ है। चलिए जानते हैं...
Husbands started expensive spend for wives after liquor ban in bihar
liquor ban
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से ही सरकार इसे सफल बताती रही वहीं विपक्ष इसे असफल बताता है। बिहार में शराबबंदी से खासकर पत्नियों को लाभ मिला है। हंसने वाली बात नहीं है। चौंकाने वाले आकंड़े बताते हैं कि शराबबंदी के बाद से पति अपनी पत्नियों की हर महंगी ख्वाहिश पूरी करने में लगे है। जी हां, इसका सीधा असर देखने को मिला जब बिहार में शराबबंदी के बाद से अचानक महंगी साड़ियों की बिक्री में इजाफा हुआ।
 
Husbands started expensive spend for wives after liquor ban in bihar
saree
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के अनुसार बिहार में महंगी साड़ियों की बिक्री में 1715% बिक्री बढ़ी है। ऐसा उछाल तो अन्य किसी उत्पाद में देखने को नहीं मिला। हालांकि बिहार में शराबबंदी का सकारात्मक असर अन्य उत्पादों की बिक्री पर भी देखने को मिला है। जैसे शहद की बिक्री लगभग 400% तो वहीं पनीर में 200% ज्यादा बिकने लगा है। रिसर्च में पता चला है कि शराबबंदी के बाद न सिर्फ डेयरी उत्पाद की बिक्री बल्कि प्रोसेस्ड फूड में 46% और ड्रेस मेटेरियल में 910% की बिक्री बढ़ी है। इससे पता चलता है कि शराबबंदी से लोगों का ध्यान दूसरी चीजों में बंटा है और अब लोग इन चीजों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।


 
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Husbands started expensive spend for wives after liquor ban in bihar
liquor ban
रिसर्च के अनुसार जब बिहार में शराबबंदी लागू किया गया था उस वक्त राज्य में शराब का सेवन करने वालों की संख्या 44 लाख थी जिनके औसतन हजार रुपए महीने में शराब में जाते थे, लेकिन हर महीने कम से कम 440 करोड़ रुपए बचाए गए और सलाना 5280 करोड़ रुपए की बचत हुई है। साथ ही शराबबंदी के बाज आपराधिक घटनाओं जैसे अपहरण में 66.6%, हत्या में 28.3% और लूटपाट में 22.8% की गिरावट देखने को मिली है।
 
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