आज के डिजिटल युग में सभी लोग पैसे के पीछे भाग रहे हैं। पैसा ऐसी चीज है जिसके बिना कोई आदमी अपनी जिंदगी नहीं जी सकता। आज हर काम में पैसे कि जरूरत पड़ती है लेकिन क्या आपको पता है कि पैसे कैसे बनाते हैं और पैसे कहा और कैसे छपते हैं। बहुत कम लोगों को पता है कि हमारे देश का पैसा कहां और कैसे बनता है। आइए आपको बताते हैं कि कहां बनता है ये पैसा...
देश के इन हिस्सों में लगी हैं पैसा छापने की मशीनें, ऐसे बनते हैं 10 रुपये से लेकर 2000 तक के नोट?
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हमारे देश में पैसा छापने की मशीनें कहां हैं?
पैसा बनाने की मशीनें मध्य प्रदेश के देवास, मैसूर, सालबोनी और नासिक में है। देवास में नोट कि स्याही और 10, 50, 500 रुपये के नोट छापे जाते हैं। मैसूर में 2000 के नोट छपते हैं। आपको बता दें कि देवास में एक साल में 265 करोड़ नोट छापे जाते हैं। इसके आलावा हमारे देश में एक पेपर मिल, चार बैंक नोट प्रेस और चार टकसाल मील हैं। टकसाल मील देश के चार शेहरों में जिनमे मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता, नोएडा शामिल है। नोट छपाई के पेपर होसंगाबाद में उपलब्ध है। इसके अलावा ये पेपर विदेशों से भी इम्पोर्ट किए जाते हैं। भारतीय रुपये में तीन जगह का पेपर इस्तेमाल किया जाता है। नोट बनाने में खास कॉटन से बने पेपर और स्पेशल तरह की स्याही का इस्तेमाल होता है। ये स्याही देवास के बैंक नोट प्रेस और सिक्किम में स्विस फर्म यूनिट में बनती है।
पैसे कैसे छपते हैं?
विदेश और होसंगाबाद से आए पेपर को Saymnton मशीन में डाला जाता है। इसके बाद इसे दूसरी मशीन Intabu में डाला जाता है। मशीन से निकले नोटों की सीट पर अच्छे और खराब नोटों को अलग अलग कर दिया जाता है। इसके बाद सही नोटों पर number डाला जाता है। नंबर डालने के बाद एक एक नोट को बारीकी से चेक किया जाता है।
खराब नोटों का क्या होता है?
जब नोट बनाते वक्त खराब हो जाते हैं तो उन्हें बैंक में जमा कर दिया जाता है। बैंक उन नोटों को मुख्य कार्यालय में भेज देता है और वहां उनकी बारीकी से जांच होती है और उनकी जगह नए नोटों को छाप दिया जाता है।
पैसे हम तक कैसे पहुंचते हैं?
इंडियन रिजर्व बैंक के देश में 18 कार्यालय हैं
अहमदाबाद
बंगलुरु
बेलापुर
चेन्नई
चंडीगढ़
भोपाल
जयपुर
हैदराबाद
गुवाहाटी
कोलकाता
कानपूर
जम्मू
मुंबई
नागपुर
पटना
तिरुवनंतपुरम
भुवनेश्वर
लखनऊ
सबसे पहले नोट इन कार्यालयों में पहुंचते हैं। इसके बाद इन्हें अलग अलग बैंकों में भेज दिया जाता है।