चरक-पूजा का नाम आपने इससे पहले सुना है? ये एक ऐसा त्योहार जिसे बांग्लादेश और बंगाल के कुछ हिस्सों में मनाया जाता है।
इस त्योहार को हिंदु धर्म को मानने वाले लोग नेपाली कैलेंडर के आखिरी महीने के आखिर के दिन मनाते हैं।
इस त्योहार को इसलिए मनाया जाता है ताकि पिछले साल के दुखों को खत्म किया जा सके और आने वाले साल को सम्रृध बनाया जा सके।
लेकिन अपनी इस इच्छा-पूर्ति के लिए लोग बदन का जो हाल करते हैं, उसे देखना मुश्किल होता है।
ये लोग धर्म और पूजा के नाम पर अपनी पीठ पर लोहे के कई हुक्स लगवाते हैं और फिर इन हुक्स के सहारे देर तक चरक के पेड़ से टंगे रहते हैं।