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'कलेक्टर के सामने आवाज ऊंची करने पर मिली ऐसी सजा, जानकर नहीं होगा यकीन
शुरैह नियाज़ी, बीबीसी हिंदी
Updated Tue, 28 Aug 2018 10:18 AM IST
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jail
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक बुजुर्ग ने आरोप लगाया है कि उन्हें सिर्फ इसलिए जेल में चार दिन बिताने पड़े क्योंकि जन सुनवाई में जिलाधिकारी को उनका ऊंची आवाज में बात करना ठीक नहीं लगा। यह बुज़ुर्ग अपने इलाके में सड़क की समस्या लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचे थे। मामला तूल पकड़ने पर कलेक्टर अभय वर्मा ने कहा कि वह शराब पीकर जन सुनवाई में आए थे। अभय वर्मा ने कहा, "वो नशे की हालत में थे और उनकी स्थिति ठीक नहीं थी। हमने उन्हें बहुत समझाया लेकिन वो नहीं समझे। इसलिए पुलिस कार्रवाई के लिए उन्हें थाने भेज दिया गया।"
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सड़क बनाने की मांग
पिछले मंगलवार को नरसिंहपुर के कलेक्टर अभय वर्मा की जन सुनवाई थी। इस जन सुनवाई में 61 साल के पीके पुरोहित जिले के गांव खुरपा से चीलाचौन गांव की सड़क बनाने की गुहार लेकर पहुंचे थे। पुरोहित का कहना है कि जन सुनवाई में उनका आवेदन लेकर कलेक्टर अभय वर्मा ने उन्हें लोक निर्माण विभाग में भेज दिया।
उन्होंने बताया,"उस वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था। इस वजह से मैं वापस कलेक्टर के पास पहुंचा और उनसे बात की, लेकिन दोबारा आने की वजह से कलेक्टर नाराज हो गए और मुझे डांटने लगे।" पुरोहित का कहना है कि कलेक्टर ने जब उनसे कहा कि सड़क एक दिन में नहीं बन सकती है तो उन्होंने बताया कि यह मामला कई महीनों से लम्बित है। पुरोहित के मुताबिक, इसके बाद कलेक्टर गुस्से में आ गए और बहस करने का ज़िक्र करते हुए पुलिस को बुला लिया और उन्हें थाने भेज दिया। इसके बाद पुरोहित को धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
पिछले मंगलवार को नरसिंहपुर के कलेक्टर अभय वर्मा की जन सुनवाई थी। इस जन सुनवाई में 61 साल के पीके पुरोहित जिले के गांव खुरपा से चीलाचौन गांव की सड़क बनाने की गुहार लेकर पहुंचे थे। पुरोहित का कहना है कि जन सुनवाई में उनका आवेदन लेकर कलेक्टर अभय वर्मा ने उन्हें लोक निर्माण विभाग में भेज दिया।
उन्होंने बताया,"उस वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था। इस वजह से मैं वापस कलेक्टर के पास पहुंचा और उनसे बात की, लेकिन दोबारा आने की वजह से कलेक्टर नाराज हो गए और मुझे डांटने लगे।" पुरोहित का कहना है कि कलेक्टर ने जब उनसे कहा कि सड़क एक दिन में नहीं बन सकती है तो उन्होंने बताया कि यह मामला कई महीनों से लम्बित है। पुरोहित के मुताबिक, इसके बाद कलेक्टर गुस्से में आ गए और बहस करने का ज़िक्र करते हुए पुलिस को बुला लिया और उन्हें थाने भेज दिया। इसके बाद पुरोहित को धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
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'कल्पना नहीं की थी कि जेल होगी'
चार दिन तक उनकी जमानत नहीं होने दी गई। रिहा होने के बाद पीके पुरोहित ने कलेक्टर अभय वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, "मैंने कभी ऐसी कल्पना नहीं की थी कि सड़क की मांग करने पर मुझे जेल भेज दिया जाएगा।" विवाद बढ़ने के बाद जिलाधिकारी अभय वर्मा ने कहा कि पुरोहित शराब पीकर जन सुनवाई में आए थे और काफी अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे।
अभय वर्मा ने कहा, "उस दिन भीड़ थी और वह काफी चिल्ला रहा था। अपशब्दों का प्रयोग भी कर रहा था। जब वह मेरे पास आया तो मैंने उसे समझाया कि इस में एस्टिमेट बनेगा और बजट का प्रावधान होगा लेकिन वो कह रहा था कि आज ही वर्क ऑर्डर जारी कर दें।" वहीं, पीके पुरोहित अब कलेक्टर के खिलाफ कारवाई चाहते हैं। उन्होंने इसकी शिकायत सोमवार को पुलिस अधीक्षक से भी की है। उनका दावा है कि अगर वो गलत साबित होते हैं तो कोई भी सजा भुगतने के लिए तैयार हैं। इस मामले से प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है और कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा "प्रदेश में अघोषित आपातकाल का नजारा...नरसिंहपुर में खस्ता हाल सड़क को अमरीका जैसी बनाने की मांग पर बुजुर्ग व्यक्ति को मिली जेल। किसान,गरीब,युवा बेरोजगार हो या आम आदमी, शिवराज सरकार में अपनी आवाज उठाने का हक किसी को नहीं।"
चार दिन तक उनकी जमानत नहीं होने दी गई। रिहा होने के बाद पीके पुरोहित ने कलेक्टर अभय वर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, "मैंने कभी ऐसी कल्पना नहीं की थी कि सड़क की मांग करने पर मुझे जेल भेज दिया जाएगा।" विवाद बढ़ने के बाद जिलाधिकारी अभय वर्मा ने कहा कि पुरोहित शराब पीकर जन सुनवाई में आए थे और काफी अपशब्दों का इस्तेमाल कर रहे थे।
अभय वर्मा ने कहा, "उस दिन भीड़ थी और वह काफी चिल्ला रहा था। अपशब्दों का प्रयोग भी कर रहा था। जब वह मेरे पास आया तो मैंने उसे समझाया कि इस में एस्टिमेट बनेगा और बजट का प्रावधान होगा लेकिन वो कह रहा था कि आज ही वर्क ऑर्डर जारी कर दें।" वहीं, पीके पुरोहित अब कलेक्टर के खिलाफ कारवाई चाहते हैं। उन्होंने इसकी शिकायत सोमवार को पुलिस अधीक्षक से भी की है। उनका दावा है कि अगर वो गलत साबित होते हैं तो कोई भी सजा भुगतने के लिए तैयार हैं। इस मामले से प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है और कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा "प्रदेश में अघोषित आपातकाल का नजारा...नरसिंहपुर में खस्ता हाल सड़क को अमरीका जैसी बनाने की मांग पर बुजुर्ग व्यक्ति को मिली जेल। किसान,गरीब,युवा बेरोजगार हो या आम आदमी, शिवराज सरकार में अपनी आवाज उठाने का हक किसी को नहीं।"