Alien News: दुनिया में एलियन (Alien ) को लेकर इन दिनों बहस तेज हो गई है। दुनिया में कई लोग एलियन और यूएफओ (UFO) को देखने का दावा कर चुके हैं। क्या ब्रह्मांड में एलियन का अस्तित्व है? सालों से वैज्ञानिक इस सवाल का जवाब खोजने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक कोई कामयाबी नहीं मिल पाई है। हालांकि अमेरिका पर सालों से एलियन की जानकारी छिपाने के आरोप लगते आ रहे हैं।
अब इस बीच यूएफओ को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी नौसेना (US Navy) ने चौंकाने वाला खुलासा किया है जिसके बाद एलियन को लेकर बहस तेज हो गई है। अमेरिकी नौसेना ने कहा है कि उनके पास एलियन यानों की साइटिंग के कई वीडियो हैं। अमेरिका की सरकार एलियन यान को अनआइडेंटीफाइड एरियल फिनोमेना (UAP) कहती है। अमेरिकी नौसेना की तरफ से कहा गया है कि इन वीडियोज को सार्वजनिक नहीं किया जाता सकता है, क्योंकि इससे हमारे देश को खतरा पैदा हो सकता है। इन यूएफओ वीडियो को दुनिया को नहीं दिखा सकते हैं।
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यूएफओ पर अमेरिकी नौसेना का चौंकाने वाला खुलासा
- फोटो : iStock
अमेरिका नौसेना (US Navy) का कहना है कि वीडियो जारी करने से देश को खतरा हो सकता है जिसकी वजह से हम इन वीडियो को दुनिया के सामने नहीं लाना चाहते हैं। अमेरिका के रक्षा विभाग की तरफ से साल 2020 में तीन वीडियो जारी किए गए थे। इन वीडियो को मंत्रालय ने डिक्लासीफाई किया था, क्योंकि इनमें से कुछ क्लिपिंग्स लीक हो गए थे।
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यूएफओ पर अमेरिकी नौसेना का चौंकाने वाला खुलासा
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इसकी वजह से अमेरिका नौसेना ने मजबूरी में यह वीडियो जारी किए थे। अमेरिकी सरकार की ट्रांसपैरेंसी वेबसाइट ब्लैक वॉल्ट (Black Vault) ने फ्रीडम ऑफ इन्फॉर्मेशन एक्ट (FOIA) के तहत इन वीडियो को जारी करने की गुजारिश की थी। लेकिन अब नौसेना ने दो साल बाद वीडियो जारी करने से मना कर दिया है। साफ तौर पर कहा गया है कि वह वीडियो जारी नहीं करेगी।
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यूएफओ पर अमेरिकी नौसेना का चौंकाने वाला खुलासा
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अमेरिकी नौसेना ने स्वीकार किया है कि उनके अनआइडेंटीफाइड एरियल फिनोमेना यानी यूएफओ के वीडियो हैं। इन वीडियो को नौसेना गुप्त दस्तावेज की श्रेणी में डाल देती है और सार्वजनिक नहीं करती है। वह हर बार इसके पीछे देश की सुरक्षा का हवाला देती है।
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यूएफओ पर अमेरिकी नौसेना का चौंकाने वाला खुलासा
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नौसेना के FOIA दफ्तर के डिप्टी डायरेक्टर ग्रेगरी कैसन का कहना है कि इन वीडियो में क्लासीफाइड डेटा हैं। इसलिए इन वीडियो को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। सूचना सार्वजनिक होने से देश की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। इसलिए इन वीडियोज के किसी भी भाग को सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं।