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दिमाग से जुड़े रोचक तथ्य, कभी सुना भी नहीं होगा
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Sun, 13 Mar 2016 10:52 AM IST
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दिमाग को दर्द नहीं होता। जी हां, असल में दर्द को महसूस करने के लिए दिमाग में कोई नर्व रिसेप्टर नहीं होते। इस वजह से सर्जन पेशेंट के दिमाग का ऑपरेशन तब भी कर लेते हैं जब वो होश में होता है। हम दर्द महसूस करते हैं नोसिसेप्टर नाम के एक नस के कारण जो रीढ़ की हड्डी से दिमाग तक किसी तरह के खतरे का सिग्नल भेजते हैं।
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अब जानिए दिमाग के बारे में और। हमारे दिमाग में लाख से ज्यादा रक्त वाहिकाएं होती हैं। शरीर की 17 प्रतिशत ऊर्जा का इस्तेमाल करके और बीस प्रतिशत ऑक्सिजन को इस्तेमाल करके, दिमाग दस से 23 प्रतिशत पॉवर बनाती हैं। इतनी कि बल्ब जल सके। हमारे दिमाग में इतनी क्षमता है कि हम पूरे एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका को पांच गुना बढ़ जाने के बाद भी रट्ट सकते हैं।
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जब एल्बर्ट आइनस्टाइन की मृत्यु 1955 हुई, तो डॉ थॉमस हार्वे ने उनकी मृत्यु के साढ़े सात घंटे बाद ब्रेनेक्टोमी की और उनके दिमाग को संरक्षित कर लिया। साल 1978 में एक जर्नलिस्ट स्टेसी लेवी ने जांच कर बताया कि इतने सालों बाद भी उनके संरक्षित दिमाग का कुछ हिस्सा जिंदा था और एकदम ठीक भी।
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दिमाग के दांए और बांए हिस्से के बीच के अंतर को जानते हैं? दिमाग का बांया हिस्सा हमें हर चीज को प्रैक्टिकल रूप से लेने के लिए बाध्य करता है वहीं दांया हिस्सा हमारी रचनात्मकता को पैदा करता है। ये दोनों एक साथ काम करते हैं। और इससे भी बड़ी बात ये कि अगर आप अपने दिमाग का एक-चौथाई हिस्सा भी खो दें, फिर भी जी सकते हैं।
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क्या आपको पता है कि औरतों के दिमाग की तुलना में मर्दों का दिमाग दस प्रतिशत बड़ा होता है। फिर भी महिलाओं के दिमाग में रक्त कोशिकाएं और कनेक्टर्स ज्यादा होते हैं, इस वजह से वो और बेहतरी से काम कर पाती हैं। औरतों के दिमाग में भावनात्मक पहलू भी ज्यादा काम करता है वहीं पुरुषों का लॉजिकल हिस्सा ज्यादा काम करता है।