इंसान का दिमाग एक बहुत जटिल मशीन है। इससे जुड़े तथ्यों के बारे में जानकर, हर कोई हैरत में पड़ जाता है। एक व्यक्ति के दिमाग में हर दिन औसतन 6000 से ज्यादा ख्याल आते हैं। इस बात का खुलासा हाल ही में हुए एक शोध में किया गया है। शोधकर्ताओं के द्वारा एक ऐसा तरीका विकसित किया गया है, जो ख्याल के आने और उसे खत्म होने का संकेत दे सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
शोधकर्ताओं द्वारा विकसित इस नए तरीके से पता लगाया जा सकता है कि एक व्यक्ति के दिमाग में कितने ख्याल आते हैं। यह नया तरीका हर उस क्षण को पृथक करता है, जब किसी व्यक्ति के दिमाग में एक विचार आता है। इस नए तरीके को थॉट वार्म कहा जा रहा है।
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शोधकर्ताओं ने कहा कि किसी व्यक्ति के विचारों को मापकर उसके व्यक्तित्व के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है। अगर किसी व्यक्ति के दिमाग में कोई नया ख्याल आता है, तो वे एक थॉट वार्म बनाते हैं, जिसकी इस नई पद्धति से पहचान की जा सकती है। शोधकर्ताओं के टीम के सदस्य पोपपेंक ने कहा कि जब लोग फिल्म देखते हैं, तो थॉट वार्म बिल्कुल नई घटनाओं की तरह ही दिमाग में उपजते हैं। ख्यालों में परिवर्तन होते ही एक नया थॉट वार्म दिमाग में पनपने लगता है।
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पोपपेंक और उनकी टीम ने अनुमान लगाया की एक व्यक्ति के दिमाग में रोजाना औसतन 6200 ख्याल आते हैं। इसके लिए उन्होंने 184 प्रतिभागियों को फिल्म दिखाकर ख्यालों के बारे में अध्ययन किया। फिल्म दिखाने के दौरान प्रतिभागियों को तीन और चार वीडियो क्लिप के बाद 20 सेकेंड का आराम दिया गया। वहीं, आराम करने के बाद उन्हें 84 सेकेंड का एक क्लिप दोबारा दिखाया गया।
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फिल्म देखने के दौरान शोधकर्ताओं ने प्रतिभागियों कि मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग की। यह तकनीक दिमाग के रक्त प्रवाह को माप कर उसकी गतिविधियों की निगरानी करती है। इस नई तकनीक से लोग क्या सोच रहे हैं इसकी जगह लोग कब सोच रहे हैं यह मापने के लिए नया तरीका विकसित किया गया।