Long Night In Antarctica: अंटार्कटिका में डूब गया सूरज, अब छह महीने तक रहेगा अंधेरा, जानिए क्या है वजह
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जहां पूरी दुनिया में चार तरह के मौसम होते हैं, तो वहीं अंटार्कटिका में सिर्फ दो मौसम रहते हैं। यहां पर सिर्फ सर्दी और गर्मी पड़ती है। अंटार्कटिका दुनिया का सबसे ठंडा महाद्वीप है। जहां पर छह महीने दिन रहता है और बाकी छह महीने रात।
अंटार्कटिका के कॉन्कॉर्डिया बेस पर यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की 12 सदस्यीय टीम रहेगी और वहां पर काम करेगी। यूरोपियन स्पेस एजेंसी और उससे जुड़े संस्थानों के वैज्ञानिक छह महीने तक कई तरह के शोध करेंगे। अंधेरा होने की वजह से कॉन्कॉर्डिया रिसर्च स्टेशन के आसपास माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच जाता है।
स्पेस एजेंसी की तरफ से बताया गया है कि दूसरे ग्रह पर रहने लायक हालात हैं। भविष्य में कॉनकॉर्डिया स्टेशन को बाहर से और मदद नहीं मिल पाएगी। बताया गया है कि यहां पर नौ महीने का भंडार मौजूद है।
अब इन छह महीनों में अंटार्कटिका से न कोई बाहर जाएगा और न कोई यहां पर बाहर से आएगा। अब यहां कोई सामान भी नहीं जाएगा जो वहां पर मौजूद है उसी से 12 लोग अपना जीवन बीताएंगे। सर्दियां बढ़ जाने से वहां की ऊंचाई और ठंड से लोगों के दिमाग में ऑक्सीजन कम होने लगता है जिसको क्रोनिक हाइपोबेरिक हाइपोक्सिया कहा जाता है।