फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Road Of Bones: कहानी एक ऐसी सड़क की, जिसे बनाने में लाखों लोगों ने गंवा दी अपनी जान

Tue, 15 Jun 2021 09:33 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नवनीत राठौर Updated Tue, 15 Jun 2021 09:33 PM IST
विज्ञापन
interesting story of kolyma highway construction which known as road of bones
रोड ऑफ बोन्स - फोटो : Facebook/Overland Journal

दुनिया में ऐसी बहुत सी सड़कें हैं, जो किसी न किसी वजह से खास हैं। जैसे- कोई दुनिया की सबसे लंबी सड़क है, तो कोई दुनिया की सबसे छोटी, तो कोई सबसे चौड़ी। वैसे आमतौर पर सड़क बनाने में ईंट, पत्थर से लेकर सीमेंट और डामर का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया में एक ऐसी भी सड़क है, जिसे बनाने में इन चीजों के अलावा इंसानी हड्डियों का भी इस्तेमाल किया गया है? यह जानकर यकीनन आपको हैरानी तो हो रही होगी, लेकिन ये बिल्कुल सच है और इसी वजह से इस सड़क को 'रोड ऑफ बोन्स' यानी 'हड्डियों की सड़क' के नाम से जाना जाता है।


 

असल में यह सड़क एक हाइवे है, जो रूस के सुदूरवर्ती पूर्वी इलाके में स्थित है। इसका असली नाम कोलयमा हाइवे है, जो 2,025 किलोमीटर लंबा है। इस हाइवे पर अक्सर इंसानी हड्डियां और कंकाल मिलते रहते हैं।

interesting story of kolyma highway construction which known as road of bones
कोलयमा हाइवे के बनने की कहानी - फोटो : Facebook/Vladimir Rodimov

दरअसल, 'रोड ऑफ बोन्स' के नाम से मशहूर इस हाइवे की कहानी दिल दहला देने वाली है। चूंकि ठंड के मौसम में इस इलाके में काफी बर्फ गिरती है, जिससे सड़कें भी ढक जाती हैं। कहा जाता है कि बर्फ की वजह से गाड़ियां सड़क पर न फिसलें, इसलिए सड़क निर्माण में बालू के साथ इंसानी हड्डियों को भी मिलाया गया था।

interesting story of kolyma highway construction which known as road of bones
कोलयमा हाइवे - फोटो : Facebook/Xavier Jubier

कोलयमा हाइवे को बनाने में ढाई से दस लाख लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इसके पीछे की कहानी कुछ इस तरह है कि 1930 के दशक में इस हाइवे का निर्माण शुरू हुआ और इस काम में बंधुआ मजदूरों और कैदियों को लगाया गया। उन्हें कोलयमा कैंप में कैदी बनाकर रखा गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
interesting story of kolyma highway construction which known as road of bones
कोलयमा हाइवे - फोटो : Facebook/Raja Dhar

कोलयमा कैंप में अगर कोई कैदी एक बार चला जाता था, तो उसका वहां से वापस लौटना नामुमकिन सा हो जाता था। जो लोग यहां से भागने की कोशिश करते थे, वो ज्यादा दिन तक जिंदा नहीं रह पाते थे, क्योंकि या तो वो भालुओं का शिकार हो जाते थे या भयंकर ठंड से मर जाते थे या फिर भूख से। कहते हैं कि जो कैदी मर जाते थे, उन्हें वहीं सड़क के अंदर ही दफ्न कर दिया जाता था।

विज्ञापन
interesting story of kolyma highway construction which known as road of bones
कोलयमा हाइवे - फोटो : Facebook/Vincent Quezada

इस हाइवे का निर्माण सोवियत संघ के तानाशाह कहे जाने वाले जोसेफ स्टालिन के समय में किया गया था।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed