ये तस्वीरें कमजोर दिल वालों के लिए नहीं हैं। ये सांड और मैटाडॉर के बीच ऐसा खेल है जिसे दुनियाभर से लोग देखने जुटते हैं। यहां ऐसी-ऐसी चीजें देखने को मिलती हैं जिसे देखकर आंखों पर भरोसा नहीं किया जा सके।
सांड का वार
19 साल के मैटाडॉर एंड्रेस रोका रे पर उस दिन किस्मत ही मेहरबान थी जब उसको गुस्साए सांड ने पिछवाड़े से फाड़ दिया, लेकिन फिर भी वो मामूली सी चोटों सी चोटों के साथ बच गया।
सांड का वार
533 किलो के सांड को एंड्रेस शांत करवाने आया था। उसे अपने बस में करके उस पर अपनी जीत दर्ज करवाने आया था। पर मामला इतना आसान था नहीं जितना देखने वालों को लगा था।
सांड का वार
गुस्से में बुरी तरह से भड़के सांड ने एंड्रेस पर जरा रहम नहीं किया और उसे बुरी तरह से पटका। उसने तो एंड्रेस के कूल्हे में पीछे की तरफ से अपने सींग से वार किया और उसके पिछवाड़े को फाड़ डाला।
सांड का वार
इसके बाद भी मैटाडॉर ने हार नहीं मानी। उसने आखिरकार सांड पर जीत हासिल की और उसे अपने कब्जे में किया। अभी एंड्रेस ठीक हैं। वैसे बता दें कि ऐसी भिड़ंतों में सांड़ों को रिंग के अंदर भेजने से पहले उन्हें पीठ और हाथ के पास बुरी तरह चोट पहुंचाई जाती है ताकि वो और कमजोर हो जाएं और ज्यादा गुस्सा करें।