पढ़ाई और स्कूल का नाम सुनते ही मन में कई तरह के सवाल दौड़ने लगते हैं। किताबों से भरा बैग, पढ़ाई का दबाव वगैरह... वगैरह। लेकिन आज हम आपको दुनिया के कुछ अनोखे स्कूल के बारे में बताएंगे, जहां पढ़ाई तो जरूर होती है, लेकिन उसके लिए अजीबोगरीब तरीके अपनाए जाते हैं। इसके पिछे मकसद बस यही है कि पढ़ाई करते हुए बच्चे बोर ना हो बल्कि उनका खूब मन लगे।
दुनिया के वो 5 अनोखे स्कूल, जहां पढ़ाई के लिए अपनाए जाते हैं अजीबोगरीब तरीके
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झोंगडोंग: द केव स्कूल
चीन का यह स्कूल करीब 186 छात्रों को शिक्षा देता था और इसमें 8 शिक्षक पढ़ाते थे। दरअसल, यह स्कूल एक प्राकृतिक गुफा के अंदर था, जिसे साल 1984 में खोजा गया था। यहां पर ऐसे बच्चों को शिक्षा दी जाती थी, जो स्कूल नहीं जा सकते, लेकिन साल 2011 में चीन की सरकार ने इस स्कूल को बंद करवा दिया।
द कार्पे डियम स्कूल
यह स्कूल ओहिओ में स्थित है। यहां क्लासरूम की जगह करीब 300 क्यूबिकल हैं, बिल्कुल किसी ऑफिस की तरह। इस स्कूल का यह मानना है कि हर किसी को अपने स्तर पर चीजें सीखनी चाहिए। अगर बच्चों को किसी तरह की कोई परेशानी होती है तो इंस्ट्रक्टर आकर तुरंत उनकी मदद कर देते हैं।
सडबरी स्कूल
यह स्कूल अमेरिका में है। इस स्कूल के बच्चे खुद अपना टाइम टेबल बनाते हैं और साथ ही खुद यह तय करते हैं कि उन्हें किस दिन क्या पढ़ना है। साथ ही उन्हें पढ़ाई करने के कौन से तरीके अपनाने हैं और वो खुद को किस तरह से आंकना चाहते हैं यह भी स्कूल के बच्चे ही तय करते हैं।
मकोको फ्लोटिंग स्कूल
कई जगहों पर ऐसा देखने को मिलता है कि स्कूलों की कमी या दूर होने की वजह से बच्चे पढ़ने नहीं जा पाते, लेकिन नाइजीरिया में ये समस्या नहीं है। यहां एक ऐसा स्कूल है, जो पानी पर तैरता रहता है। इसमें एक बार में 100 बच्चे पढ़ाई करते हैं। यह स्कूल पानी के घटते-बढ़ते जल स्तर पर भी आराम से टिका रहता है और खराब मौसम भी इसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाता।