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Auto Sales: अक्तूबर 2025 में भारतीय ऑटो सेक्टर ने बनाया नया रिकॉर्ड, लेकिन आधे साल की रफ्तार रही धीमी
Fri, 14 Nov 2025 04:28 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 14 Nov 2025 04:28 PM IST
सार
भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए अक्तूबर 2025 बेहद खास रहा। फेस्टिव सीजन की जोरदार खरीदारी, जीएसटी 2.0 सुधारों का सकारात्मक असर और बेहतर उत्पादन ने इस महीने को सभी सेगमेंट में अब तक के सबसे मजबूत अक्तूबर के रूप में दर्ज कराया।
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Auto Sales
- फोटो : Adobe Stock
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भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए अक्तूबर 2025 बेहद खास रहा। फेस्टिव सीजन की जोरदार खरीदारी, जीएसटी 2.0 सुधारों का सकारात्मक असर और बेहतर उत्पादन ने इस महीने को सभी सेगमेंट में अब तक के सबसे मजबूत अक्तूबर के रूप में दर्ज कराया। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) (सियाम) के आंकड़ों के मुताबिक, पैसेंजर व्हीकल, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर, तीनों ने शानदार डिस्पैच दिखाए। हालांकि, अप्रैल से अक्तूबर 2025 तक (H1 FY26) की कुल तस्वीर बताती है कि उद्योग में सुधार तो है, लेकिन यह बहुत तेज गति वाला उछाल नहीं है।
Automobile Industry
- फोटो : PTI
पैसेंजर व्हीकल: एसयूवी बनीं ग्रोथ की सबसे बड़ी ताकत
अक्तूबर 2025 में पैसेंजर व्हीकल बिक्री 4,60,739 यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में 17.2 प्रतिशत अधिक है। इस ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान एसयूवी का रहा, जिनकी बिक्री में 19.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं पैसेंजर कारों में 8.4 प्रतिशत और वैन में 16.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि पूरे अप्रैल-अक्तूबर अवधि में पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट की कुल ग्रोथ सिर्फ 1 प्रतिशत रही, लेकिन निर्यात ने बेहतर प्रदर्शन किया। इस अवधि में यात्री वाहन निर्यात 17.4 प्रतिशत बढ़कर 5.14 लाख यूनिट तक पहुंच गया। अकेले अक्तूबर के एक्सपोर्ट 11.7 प्रतिशत बढ़े और उत्पादन में 9.8 प्रतिशत की बढ़ोती हुई, जो मजबूत फैक्ट्री आउटपुट दिखाता है।
यह भी पढ़ें - Indian Racing League: इंडियन रेसिंग लीग का शेड्यूल बदला, गोवा और नवी मुंबई की स्ट्रीट रेस अब 2026 में
अक्तूबर 2025 में पैसेंजर व्हीकल बिक्री 4,60,739 यूनिट तक पहुंच गई, जो पिछले साल की तुलना में 17.2 प्रतिशत अधिक है। इस ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान एसयूवी का रहा, जिनकी बिक्री में 19.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। वहीं पैसेंजर कारों में 8.4 प्रतिशत और वैन में 16.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि पूरे अप्रैल-अक्तूबर अवधि में पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट की कुल ग्रोथ सिर्फ 1 प्रतिशत रही, लेकिन निर्यात ने बेहतर प्रदर्शन किया। इस अवधि में यात्री वाहन निर्यात 17.4 प्रतिशत बढ़कर 5.14 लाख यूनिट तक पहुंच गया। अकेले अक्तूबर के एक्सपोर्ट 11.7 प्रतिशत बढ़े और उत्पादन में 9.8 प्रतिशत की बढ़ोती हुई, जो मजबूत फैक्ट्री आउटपुट दिखाता है।
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Motorcycle
- फोटो : Suzuki
टू-व्हीलर सेगमेंट: स्कूटर्स चमके, बाइक्स कमजोर रहीं
टू-व्हीलर बाजार ने अक्तूबर में 22,10,727 यूनिट्स की घरेलू बिक्री की, जो साल-दर-साल तुलना में 2.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त है। शहरी मांग के चलते स्कूटर बिक्री में 14.3 प्रतिशत का उछाल आया, लेकिन मोटरसाइकिलों की बिक्री 4 प्रतिशत गिर गई। यह गिरावट ग्रामीण इलाकों की धीमी मांग को दर्शाती है। मोपेड बिक्री भी 2.1 प्रतिशत कम रही।
अप्रैल-अक्तूबर 2025 में टू-व्हीलर बिक्री सिर्फ 1 प्रतिशत बढ़ पाई, जिसका मतलब है कि बाजार में रिकवरी धीमी लेकिन स्थिर है। हालांकि, एक्सपोर्ट्स इस सेगमेंट की सबसे बड़ी ताकत बने। H1 में टू-व्हीलर एक्सपोर्ट्स 23.1 प्रतिशत उछले और अक्तूबर में भी 17.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ अच्छा प्रदर्शन जारी रहा। वहीं, उत्पादन में 5.6 प्रतिशत की कमी देखी गई क्योंकि कंपनियों ने पहले से मौजूद स्टॉक को मैनेज किया।
यह भी पढ़ें - Road Tax: गाड़ी खरीदते समय सबसे बड़ी उलझन- कौन सा टैक्स भरें? लाइफटाइम या पांच साल वाला, कौन-सा विकल्प बेहतर?
टू-व्हीलर बाजार ने अक्तूबर में 22,10,727 यूनिट्स की घरेलू बिक्री की, जो साल-दर-साल तुलना में 2.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त है। शहरी मांग के चलते स्कूटर बिक्री में 14.3 प्रतिशत का उछाल आया, लेकिन मोटरसाइकिलों की बिक्री 4 प्रतिशत गिर गई। यह गिरावट ग्रामीण इलाकों की धीमी मांग को दर्शाती है। मोपेड बिक्री भी 2.1 प्रतिशत कम रही।
अप्रैल-अक्तूबर 2025 में टू-व्हीलर बिक्री सिर्फ 1 प्रतिशत बढ़ पाई, जिसका मतलब है कि बाजार में रिकवरी धीमी लेकिन स्थिर है। हालांकि, एक्सपोर्ट्स इस सेगमेंट की सबसे बड़ी ताकत बने। H1 में टू-व्हीलर एक्सपोर्ट्स 23.1 प्रतिशत उछले और अक्तूबर में भी 17.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ अच्छा प्रदर्शन जारी रहा। वहीं, उत्पादन में 5.6 प्रतिशत की कमी देखी गई क्योंकि कंपनियों ने पहले से मौजूद स्टॉक को मैनेज किया।
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- फोटो : Piaggio
थ्री-व्हीलर: घरेलू और विदेशी दोनों बाजारों में शानदार वापसी
थ्री-व्हीलर सेगमेंट ने अक्तूबर 2025 में 81,288 यूनिट्स की बिक्री की, जिसमें 5.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। पैसेंजर थ्री-व्हीलर की बिक्री 7.6 प्रतिशत बढ़ी, जबकि गुड्स कैरियर्स की बिक्री में 2.8 प्रतिशत की हल्की बढ़त रही। इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर अभी भी दबाव में हैं।
अप्रैल-अक्तूबर 2025 के दौरान, घरेलू बिक्री 5.6 प्रतिशत बढ़कर 4,75,738 यूनिट्स तक पहुंची, जबकि एक्सपोर्ट्स ने 45.1 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग लगाई। सिर्फ अक्तूबर में ही थ्री-व्हीलर एक्सपोर्ट्स 56.2 प्रतिशत उछलकर 41,866 यूनिट्स तक पहुंच गए। अफ्रीकी और पड़ोसी विकासशील देशों से आई मांग इसका बड़ा कारण रही। अक्तूबर में उत्पादन भी 15.9 प्रतिशत बढ़कर 1,19,885 यूनिट्स पर पहुंच गया।
यह भी पढ़ें - Automobile Industry: 'भारत की ऑटो राजधानी', कैसे यह शहर बन गया देश के ऑटोमोबाइल उद्योग का केंद्र
थ्री-व्हीलर सेगमेंट ने अक्तूबर 2025 में 81,288 यूनिट्स की बिक्री की, जिसमें 5.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। पैसेंजर थ्री-व्हीलर की बिक्री 7.6 प्रतिशत बढ़ी, जबकि गुड्स कैरियर्स की बिक्री में 2.8 प्रतिशत की हल्की बढ़त रही। इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर अभी भी दबाव में हैं।
अप्रैल-अक्तूबर 2025 के दौरान, घरेलू बिक्री 5.6 प्रतिशत बढ़कर 4,75,738 यूनिट्स तक पहुंची, जबकि एक्सपोर्ट्स ने 45.1 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग लगाई। सिर्फ अक्तूबर में ही थ्री-व्हीलर एक्सपोर्ट्स 56.2 प्रतिशत उछलकर 41,866 यूनिट्स तक पहुंच गए। अफ्रीकी और पड़ोसी विकासशील देशों से आई मांग इसका बड़ा कारण रही। अक्तूबर में उत्पादन भी 15.9 प्रतिशत बढ़कर 1,19,885 यूनिट्स पर पहुंच गया।
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Eicher Trucks
- फोटो : Eicher
कमर्शियल व्हीकल्स: बाजार स्थिर, लेकिन तेजी अभी दूर
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में फेस्टिव सीजन और लॉजिस्टिक्स की जरूरतों से कुछ बढ़त तो देखने को मिली, लेकिन इतनी नहीं कि पूरे बाजार को तेज कर सके। माल ढुलाई, इंडस्ट्रियल एक्टिविटी और कंस्ट्रक्शन मूवमेंट के कारण बाजार स्थिर दिख रहा है। एक्सपोर्ट्स में मध्यम और भारी ट्रक बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि लाइट कमर्शियल व्हीकल्स थोड़े कमजोर बने हुए हैं। कुल मिलाकर सेगमेंट अभी भी किसी बड़े ग्रोथ ट्रिगर का इंतजार कर रहा है।
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कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में फेस्टिव सीजन और लॉजिस्टिक्स की जरूरतों से कुछ बढ़त तो देखने को मिली, लेकिन इतनी नहीं कि पूरे बाजार को तेज कर सके। माल ढुलाई, इंडस्ट्रियल एक्टिविटी और कंस्ट्रक्शन मूवमेंट के कारण बाजार स्थिर दिख रहा है। एक्सपोर्ट्स में मध्यम और भारी ट्रक बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि लाइट कमर्शियल व्हीकल्स थोड़े कमजोर बने हुए हैं। कुल मिलाकर सेगमेंट अभी भी किसी बड़े ग्रोथ ट्रिगर का इंतजार कर रहा है।
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