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Electric Vehicles: इलेक्ट्रिक गाड़ी चलाते हैं तो इन गलतियों को ना करें, होगा फायदा ही फायदा
Mon, 06 Nov 2023 04:34 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 06 Nov 2023 04:34 PM IST
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EV Charging Stations
- फोटो : For Reference Only
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इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता और मांग के साथ, अब ज्यादातर वाहन खरीदार पारंपरिक फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) से चलने वाले वाहनों के बजाय पर्यावरण-अनुकूल प्योर इलेक्ट्रिक कारों और दोपहिया वाहनों का ऑप्शन चुन रहे हैं। मांग और बिक्री में इस उछाल से उत्साहित होकर वाहन निर्माता भी भारतीय बाजार में नए इलेक्ट्रिक वाहन ला रहे हैं। यह एक साइकिल है, जहां मांग और आपूर्ति एक दूसरे के पूरक हैं और आखिरकार देश में ईवी उद्योग को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ने में मदद करते हैं।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
रूट की प्लानिंग नहीं करना
रेंज की चिंता हर ईवी मालिक के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों में से एक है। जबकि मॉडर्न इलेक्ट्रिक वाहन तेजी से बेहतर ड्राइविंग रेंज और चार्जिंग टाइम की पेशकश कर रहे हैं, इलेक्ट्रिक पावरट्रेन टेक्नोलॉजी अभी भी अपने प्राथमिक चरण में है। इसलिए, चिंता के कम होने में कुछ समय लगेगा। हालांकि, ईवी मालिकों की एक आम गलती सफर से पहले रूट को लेकर ठीक से योजना नहीं बनाना है। लंबा रास्ता अपनाने से फॉसिल फ्यूल वाले वाहनों के लिए ज्यादा ईंधन खपत सुनिश्चित होती है। साथ ही, इससे इलेक्ट्रिक वाहन ज्यादा बैटरी खपत करते हैं। जिसकी वजह से कम रेंज होती है। इसलिए, ईवी मालिकों को कई कारकों को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा के मार्ग की योजना बनानी चाहिए। हमेशा वही रास्ता चुनना चाहिए जो छोटा हो और रास्ते में चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता को भी ध्यान में रखना चाहिए।
रेंज की चिंता हर ईवी मालिक के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों में से एक है। जबकि मॉडर्न इलेक्ट्रिक वाहन तेजी से बेहतर ड्राइविंग रेंज और चार्जिंग टाइम की पेशकश कर रहे हैं, इलेक्ट्रिक पावरट्रेन टेक्नोलॉजी अभी भी अपने प्राथमिक चरण में है। इसलिए, चिंता के कम होने में कुछ समय लगेगा। हालांकि, ईवी मालिकों की एक आम गलती सफर से पहले रूट को लेकर ठीक से योजना नहीं बनाना है। लंबा रास्ता अपनाने से फॉसिल फ्यूल वाले वाहनों के लिए ज्यादा ईंधन खपत सुनिश्चित होती है। साथ ही, इससे इलेक्ट्रिक वाहन ज्यादा बैटरी खपत करते हैं। जिसकी वजह से कम रेंज होती है। इसलिए, ईवी मालिकों को कई कारकों को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा के मार्ग की योजना बनानी चाहिए। हमेशा वही रास्ता चुनना चाहिए जो छोटा हो और रास्ते में चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता को भी ध्यान में रखना चाहिए।
Wuling Air EV
- फोटो : For Reference Only
रीजेनरेटिव ब्रेकिंग को नजरअंदाज करना
इलेक्ट्रिक वाहनों की अनूठी विशेषताओं में से एक रीजेनरेटिव ब्रेकिंग है। यह काइनेटिक एनर्जी को बिजली में बदलने करने पर निर्भर करती है। यह टेक्नोलॉजी सुनिश्चित करती है कि जब भी ब्रेक लगाया जाता है या ड्राइवर एक्सीलरेटर छोड़ता है, तो ईवी नेचुरल तरीके से धीमा हो जाता है और ब्रेक ऊर्जा पुनर्प्राप्ति काइनेटिक एनर्जी को बिजली में बदलना शुरू कर देती है। जिसे बाद में इस्तेमाल के लिए बैटरी पैक में स्टोर किया जाता है। कई ईवी चालक इस फीचर को नजरअंदाज कर देते हैं और अपने इलेक्ट्रिक वाहनों से बढ़ी हुई रेंज हासिल करने के मौके को गंवा देते हैं। इस फीचर का इस्तेमाल करने से वाहन के ब्रेक में टूट-फूट भी कम हो जाती है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की अनूठी विशेषताओं में से एक रीजेनरेटिव ब्रेकिंग है। यह काइनेटिक एनर्जी को बिजली में बदलने करने पर निर्भर करती है। यह टेक्नोलॉजी सुनिश्चित करती है कि जब भी ब्रेक लगाया जाता है या ड्राइवर एक्सीलरेटर छोड़ता है, तो ईवी नेचुरल तरीके से धीमा हो जाता है और ब्रेक ऊर्जा पुनर्प्राप्ति काइनेटिक एनर्जी को बिजली में बदलना शुरू कर देती है। जिसे बाद में इस्तेमाल के लिए बैटरी पैक में स्टोर किया जाता है। कई ईवी चालक इस फीचर को नजरअंदाज कर देते हैं और अपने इलेक्ट्रिक वाहनों से बढ़ी हुई रेंज हासिल करने के मौके को गंवा देते हैं। इस फीचर का इस्तेमाल करने से वाहन के ब्रेक में टूट-फूट भी कम हो जाती है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
बैटरी का बार-बार और ज्यादा चार्ज होना
इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी को बार-बार चार्ज करना और ओवरचार्ज करना ईवी मालिकों द्वारा की जाने वाली अन्य सामान्य गलतियां हैं। ओवरचार्जिंग ईवी के बैटरी पैक की लंबी लाइफ के लिए हानिकारक हो सकती है। जबकि मॉडर्न ईवी बिल्ट-इन एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के साथ आते हैं जो ओवरचार्जिंग को रोकता है। पुराने वाहनों में यह टेक्नोलॉजी नहीं मिलती थी। ओवरचार्जिंग अनिवार्य रूप से बैटरी पैक की लंबी लाइफ को कम कर सकती है और इसकी ताकत को भी कम कर सकती है। दूसरी ओर, ईवी बैटरी को बार-बार चार्ज करने से भी बैटरी पैक के हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है। बैटरी चार्ज लेवल को हमेशा 20 से 80 प्रतिशत के बीच रखने की सलाह दी जाती है।
इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी को बार-बार चार्ज करना और ओवरचार्ज करना ईवी मालिकों द्वारा की जाने वाली अन्य सामान्य गलतियां हैं। ओवरचार्जिंग ईवी के बैटरी पैक की लंबी लाइफ के लिए हानिकारक हो सकती है। जबकि मॉडर्न ईवी बिल्ट-इन एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के साथ आते हैं जो ओवरचार्जिंग को रोकता है। पुराने वाहनों में यह टेक्नोलॉजी नहीं मिलती थी। ओवरचार्जिंग अनिवार्य रूप से बैटरी पैक की लंबी लाइफ को कम कर सकती है और इसकी ताकत को भी कम कर सकती है। दूसरी ओर, ईवी बैटरी को बार-बार चार्ज करने से भी बैटरी पैक के हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है। बैटरी चार्ज लेवल को हमेशा 20 से 80 प्रतिशत के बीच रखने की सलाह दी जाती है।
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कार मेंटिनेंस
- फोटो : सोशल मीडिया
रख-रखाव की अनदेखी
पेट्रोल या डीजल से चलने वाले वाहनों की तरह, इलेक्ट्रिक वाहनों को भी लंबे समय तक ऑप्टिमम परफॉर्मेंस सुनिश्चित करने के लिए उचित रखरखाव की जरूरत होती है। हालांकि, कई ईवी मालिक इलेक्ट्रिक वाहन के रखरखाव की जरूरत की उपेक्षा करते हैं। जो आखिरकार वाहन की बैटरी, परफॉर्मेंस और दक्षता को प्रभावित करता है। वाहन के रखरखाव के लिए हमेशा निर्माता के दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
पेट्रोल या डीजल से चलने वाले वाहनों की तरह, इलेक्ट्रिक वाहनों को भी लंबे समय तक ऑप्टिमम परफॉर्मेंस सुनिश्चित करने के लिए उचित रखरखाव की जरूरत होती है। हालांकि, कई ईवी मालिक इलेक्ट्रिक वाहन के रखरखाव की जरूरत की उपेक्षा करते हैं। जो आखिरकार वाहन की बैटरी, परफॉर्मेंस और दक्षता को प्रभावित करता है। वाहन के रखरखाव के लिए हमेशा निर्माता के दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।