टायर का एयर प्रेशर लगाकार लीक होता रहता है, चाहे आप कार का इस्तेमाल कर रहे हों या नहीं। इसलिए जरूरी है कि टायर प्रेशर महीने में एक बार जरूर चेक कर लिया जाए। कार का टायर प्रेशर कम होना ना सिर्फ खतरनाक है, बल्कि इससे माइलेज भी कम होता है।
कम हवा होने से परफॉर्मेंस पर तो फर्क पड़ता ही है, साथ ही एक्सीडेंट होने का भी खतरा रहता है। जब एयर प्रेशर कम होता है तो कार चलते समय दिक्कत करती है। अगर आप कार को मोड़ने की कोशिश करते हैं तो यह डगमगा भी सकती है। यहां हम आपको बताएंगे कि सही एयर प्रेशर का पता कैसे लगाएं-
टायर प्रेशर कितना रखना चाहिए, ये टायर के आकार प्रकार पर नहीं, आपकी ड्राइविंग स्पीड और वाहन में लोड पर निर्भर करता है| कार के लिए सर्वोत्तम एयर प्रेशर ड्राइवर की तरफ वाले दरवाजे पर अंदर की तरफ लिखा होता है।
उदाहरण के तौर पर मारुति 800 (1984 model) के दरवाजे पर लिखी जानकारी के मुताबिक, इसके अगले टायर में 22 psi और पिछले टायर में 23 psi एयर प्रेशर होना चाहिए। टायर का दबाव PSI (pounds per square inch) या बार दबाव (BAR pressure) में मापते हैं।
इसे मापने से पहले सुनिश्चित कर लें कि टायर गर्म ना हो। काफी देर कार चलने से टायर गर्म हो जाते हैं। air gauge को टायर के वाल्व में लगाएं और एयर प्रेशर मांप लें। वाल्व पर थोड़ा पानी डालकर देखें कि यह लीक तो नहीं कर रहा। चेक करने या हवा डलवाने के बाद वाल्व पर cap लगाना ना भूलें।