आजकल आम आदमी की जिंदगी इतनी व्यस्त हो गई है कि किसी को सांस लेने तक का समय नहीं है। तेजी से भागती इस लाइफ में कोई भी किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहता है। बात चाहे बेबी प्लानिंग की हो या कामकाजी महिलाओं की। कंपनियों से मैट्रीनिटी लीव के नाम पर सिर्फ कुछ महीनों की ही छुट्टी मिलती है।
अगर आपके भी घर में कर रही हैं ऐसी महिलाएं ड्राइविंग,तो हो सकती है बड़ी मुसीबत
स्टीयरिंग व्हील से बनाएं रखें दूरी
अपनी सीट को इतना पीछे रखें कि गाड़ी चलाते वक्त पेट पर किसी तरह का दबाव महूसस न हो। शरीर के बनावट के हिसाब से सीट को कुछ पीछे की तरफ भी कर सकते हैं इससे आपको आराम रहेगा। ऐसा करने से अगर किसी दुर्घटना के वक्त एअर बैग खुलता है तो उसका सीधा दबाव आपके पेट पर नहीं आएगा।
कमर के पीछे लगाएं सपोर्ट
अगर आपको प्रेग्नेंसी से जुड़ा कमर का दर्द है तो कमर को छोटे और मुलायम तकिए या फिर मुड़े हुए तौलिए का सहारा दें। यह ड्राइविंग के वक्त काफी आरामदायक साबित होगा। अगर दर्द नहीं भी है तो भी एहतियात के तौर पर आपको यह तरीका अपनाना चाहिए।
जब बांधें बेल्ट
ऐसी अवस्था में सीट बेल्ट की सही पोजिशन का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। कि सीट बेल्ट को एब्डॉमिनल से नीचे होना चाहिए तथा कंधो के बगल से गुजरने वाला सीट बेल्ट का पट़टा सीने के बीच निकालें। बेल्ट को लगाने के बाद एक बार जांच लें कि कि बेल्ट सही तरीके से क्लिप में फंसी है कि नहीं।
तेज स्पीड व उछालभरी सड़कों से बचें
प्रेगेनेंसी के दौरान पेट में पल रहे बच्चे को आपकी बॉडी में होने वाले अधिक मूमेंट से दिक्कत होती है। इसलिए गाड़ी चलाते वक्त स्पीड का खास ध्यान रखें तथा न तो झटके से ब्रेक लगाएं और न ही स्पीड ब्रेकर से गाड़ी को जंप कराएं। उन्हीं सड़कों पर ड्राइव करें जिनके बारे में आपको पहले से पता है ऐसा करके आप गड्ढे वाली सड़कों से स्वयं को बचा लेंगी।