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दिवाली 2018 : वास्तु के अनुसार बनाएं शुभ रंगोली, खिल उठेगा घर, प्रसन्न हो जाएंगी मां लक्ष्मी

Wed, 07 Nov 2018 10:01 AM IST
अनीता जैन ,वास्तुविद
अनीता जैन ,वास्तुविद Updated Wed, 07 Nov 2018 10:01 AM IST
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Diwali vastu tips and rules for rangoli, toran designs and diyas on diwali
दीपावली 2018

दीपावली पर भगवान विष्णु की प्रिया महालक्ष्मी जी के स्वागत में कई-कई दिनों पहले से ही हम तैयारियों में जुट जाते हैं। घरों और व्यापारिक संस्थानों की साफ-सफाई, रंग-रोगन के बाद खूब सजाया जाता हैं। दीपावली की सजावट में शुभता का प्रतीक मानी जाने वाली रंगोली, तोरण और दीये इनका भी अपना विशेष महत्व होता है। यदि वास्तु नियमों के अनुसार दिशाओं और रंगों को ध्यान में रखकर कार्यस्थल या घर की सजावट की जाए तो निश्चित रूप से हमें शुभ परिणाम प्राप्त होंगे एवं खुशियां, सफलता और समृद्धि हमारे जीवन में दस्तक देंगी। दीपों के महापर्व पर रंगोली, तोरण और दीपक से जुड़े वास्तु नियमों को जानने के लिए आगे की स्लाइड क्लिक करें —

Diwali vastu tips and rules for rangoli, toran designs and diyas on diwali
Toran

तोरण से आएंगी खुशियां

मुख्य द्वार पर बांधने वाले तोरण को बंधनवार भी कहा जाता है। मां लक्ष्मीजी के स्वागत में व इन्हें प्रसन्न करने के लिए दरवाजे पर इसे बांधना शुभ माना गया है। तोरण का चयन करते समय घर की दिशा के अनुसार, रंगों और आकार का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

— यदि आपके घर का मुख्य द्वार पूर्व में है, तो हरे रंग के फूलों और पत्तियों का तोरण लगाना सुख-समृद्धि को आमंत्रित करता है।
— धन की दिशा उत्तर के मुख्य द्वार के लिए नीले या आसमानी रंग के फूलों का तोरण लटकाना चाहिए।
— यदि घर का प्रवेश द्वार दक्षिण दिशा में है तो लाल,नारंगी या इससे मिलते -जुलते रंगों से द्धार को सजाना चाहिए।
— पश्चिम के मुख्य द्वार के लिए पीले रंग के फूलों के तोरण लाभ और उन्नति में सहायक होंगे।
— ध्यान रहे पूर्व और दक्षिण के द्वार पर किसी भी धातु से बने तोरण को नहीं लगाना चाहिए।
— पश्चिम और उत्तर दिशा के द्वार पर धातु का तोरण लगाया जा सकता है।
— इसी प्रकार उत्तर,पूर्व और दक्षिण दिशा में बने प्रवेश द्वार पर लकड़ी का तोरण लगाया जा सकता है,लेकिन पश्चिम दिशा में लकड़ी से बने तोरण को लगाने से बचना चाहिए।

Diwali vastu tips and rules for rangoli, toran designs and diyas on diwali
Deepawali rangoli

इस रंगोली से शुभ होगी दीवाली

तोरण और दिये की तरह ही रंगोली या मांडने भी दीपावली की सजावट का अहम हिस्सा है। शुभता का प्रतीक रंगोली आटा, चावल, हल्दी, कुमकुम, फूल-पत्तियों या अनेक प्रकार के रंगों से अलग-अलग डिजाइन में बनाई जाती है। लेकिन क्या आप जानते  हैं कि यदि वास्तु नियमों के अनुसार रंगोली दिशाओं और रंगों को ध्यान में रखकर बनाई जाए तो यह हमारे जीवन में खुशियां, समृद्धि और उपलब्धियां लेकर आती हैं। माहौल को खुशनुमा बनाती है। रंगोली बनाने से आस-पास की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और वहां सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। घर पर देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है।

— यदि आपका घर पूर्वमुखी है और आप मुख्यद्वार पर रंगोली बना रही हैं, तो घर में सौहार्दपूर्ण वातावरण के विकास एवं मान-सम्मान में वृद्धि के लिए यहां अंडाकार डिजाइन में रंगोली बनायें। पूर्व दिशा में अंडाकार डिजाइन जीवन में विकास के नए मार्गों को प्रशस्त करता है।
— पूर्व दिशा में रंगोली बनाने के लिए सात्विक और ऊर्जा प्रदान करने वाले रंग जैसे लाल,पीला,हरा,गुलाबी,नारंगी आदि का इस्तेमाल समृद्धि को बढ़ाता है।
— उत्तर मुखी घर के लिए उत्तर दिशा में लहरदार या जल के गुण से मिलता-जुलता डिजाइन बनाकर आप अपने जीवन में स्पष्टता और उन्नति के नए अवसरों को आमंत्रित कर सकते हैं।पीले,हरे,आसमानी और नीले रंगों का प्रयोग इस दिशा की रंगोली के लिए करना बहुत शुभ माना गया है।
— दक्षिण-पूर्व में त्रिकोण एवं दक्षिण मुखी घर में खूबसूरत आयताकार पैटर्न की रंगोली बनाना आपके लिए लाभकारी सिद्ध होगा। इस दिशा की रंगोली में रंग भरने के लिए आप गहरा लाल, नारंगी, गुलाबी एवं बैंगनी रंगों का प्रयोग कर सकते हैं। इस प्रकार से बनाई हुई रंगोली आपके जीवन में सुरक्षा,यश एवं आत्मविश्वास को बढ़ाने में मददगार साबित होगी।
— यदि आपका घर पश्चिम मुखी है तो सुनहरे एवं सफ़ेद रंगों के इस्तेमाल के साथ गोलाकार रंगोली बनाएं।सफ़ेद और सुनहरे रंगों के साथ लाल, पीला, भूरा, हल्का हरा जैसे रंगों का प्रयोग भी कर सकते हैं। यहां पर पंचकोण आकार लिए हुए भी रंगोली बनाई जा सकती है। इस दिशा में इस प्रकार की सुन्दर रंगोली बनाकर आप अपने जीवन में लाभ एवं प्राप्तियों को आमंत्रित कर सकते हैं।
— रंगोली के अलावा कई जगह दिवाली के मौके पर आज भी सुंदर मांडने बनाए जाते हैं। लक्ष्मी जी के स्वागत में गेरू और सफ़ेद खड़िया से बनाए गए मांडने समृद्धि के आगमन के घोतक हैं।

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diya

किस दिशा में जलाएं सौभाग्य का दीप

— दीपावली की पूजा में घी या तेल के दीपक जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, घर के सदस्यों को यश एवं प्रसिद्धि मिलती है।
— वास्तु नियमों के अनुसार अखंड दीपक पूजा स्थल के आग्नेय कोण में रखा जाना चाहिए। इस दिशा में दीपक रखने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है तथा घर में सुख-समृद्धि का निवास होता है।
— दीपावली के दिन लक्ष्मी जी की पूजा के दीपक उत्तर दिशा में रखने से घर धन-धान्य से संपन्न रहता है। ध्यान रखें कि यदि मिट्टी का दीप जला रहें हैं, तो दीप साफ़ हो और कहीं से टूटे हुये न हों। किसी भी पूजा में टूटा हुआ दीपक अशुभ और वर्जित माना गया है।
— गाय के घी का का दीपक जलाने से आस-पास का वातावरण रोगाणुमुक्त होकर शुद्ध हो जाता है। दीपक से हमें जीवन के उर्ध्वगामी होने, ऊँचा उठने और अज्ञानरूपी अन्धकार को मिटा डालने की प्रेणना मिलती है।

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