किसी भी घर में शयन कक्ष सबसे महत्वपूर्ण स्थान होता है क्योंकि घर में सबसे अधिक समय लोग यहीं बिताते हैं और शयन कक्ष में सब कुछ सामान्य और आनंदपूर्ण है तो जीवन के दूसरे क्षेत्रों पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है।
अपने लिविंग रूम में आजमाएं ये सात टिप्स, मिलेगा प्यार ही प्यार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शयन कक्ष में पति-पत्नी के रिश्ते में नजदीकी और प्यार के लिए सबसे जरूरी है उनका बिस्तर। वास्तु विज्ञान के अनुसार पति-पत्नी को अपना बिस्तर घर में उत्तर या उत्तर पूर्व की ओर रखना चाहिए इससे प्यार में एक दूसरे का सहयोग और संतुष्टि मिलती है। नवविवाहित लोगों के लिए तो यह दिशा बहुत ही बढ़िया मानी गई है।
अगर ऐसा करना संभव नहीं हो तब दक्षिण पश्चिम में भी अपना बिस्तर रख सकते हैं। इस दिशा में बिस्तर पति पत्नी के रिश्ते में प्यार को लंबे समय तक बनाए रखने में सहायक होता है।
घर में मौजूद कई चीजें आपके प्यार में बाधक बन जाती हैं। इसलिए वास्तु विज्ञान कहता है कि शयन कक्ष में बिजली के उपकरण जैसे टेलीविजन, कंप्यूटर, लैपटॉप न रखें। ये रिश्ते में खटास लाने का काम करते हैं।
कई लोग अपने शयन कक्ष को भगवान की तस्वीर या मूर्तियों से सजाते हैं। कई लोग तो अपने पूर्वजों की तस्वीरें भी शयन कक्ष में सजा लेते हैं। वास्तु विज्ञान के अनुसार शयन कक्ष में ऐसी तस्वीरें और मूर्तियां वैवाहिक जीवन के प्यार में बाधक बन जाते हैं और संबंध में दूरियां बढ़ने लगती हैं।
वास्तु विज्ञान के अनुसार दांपत्य जीवन में तालमेल के लिए शयन कक्ष में लव बर्ड की मूर्ति, तस्वीर या रोमांटिक तस्वीरें लगा सकते हैं।
बिस्तर को दरवाजे के सामने नहीं रखें। लेकिन इस तरह रखें कि दरवाजे से बाहर आप देख पाएं।