समय हर किसी के जीवन में अमूल्य होता है। जीवन में अच्छा-बुरा समय आता-जाता रहता है, जो समय एक बार बीत जाए, वह वापस लौटकर नहीं आता। कई बार ऐसा होता है कि अच्छा समय बहुत देर से आता है या आते-आते रह जाता है। अच्छा समय देर से आने का कारण आपके घर की घड़ी भी हो सकती है।
अगर आपके भी नहीं आए अच्छे दिन, कारण कहीं आपकी घड़ी तो नहीं
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वास्तु के अनुसार घड़ी व्यक्ति का वक्त बदल सकती है। यह व्यक्ति के समय को अच्छा भी बना सकती है और बिगाड़ भी सकती है। घड़ी से ही वक्त का अंदाजा लगाया जाता है। घर में बंद घड़ी की वजह से हमे कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
घड़ी को हमेशा उत्तर पूर्व की दीवार में लगाना चाहिए और कभी भी घड़ी को दक्षिण की दिशा में नही लगाना चाहिए। दक्षिण दिशा, यम की दिशा होती है। यम को हिन्दू शास्त्र में मृत्यु का देवता माना जाता है। वास्तु के अनुसार दक्षिण दिशा समय बताने वाली चीजों के लिए अशुभ मानी गई है।
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बहुत से लोग घड़ी को खिड़की व दरवाजों के पास लगा देते हैं। ऐसा करने से परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। घड़ी के प्रयोग में यह ध्यान देना चाहिए कि किसी भी प्रकार की घड़ी हो, उसे सोते समय सिरहाने से दूर ही रखें। रात के सन्नाटे में घड़ी की टिक-टिक की आवाज से नींद में बाधा आती है। साथ ही आजकल इलेक्ट्रॉनिक घड़ियां में से इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रेडिएशन निकालता है। यह रेडिएशन मस्तिष्क और ह्रदय के आसपास नकारात्मक ऊर्जा क्षेत्र बना देते हैं। इसके प्रभाव में सोना आपके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।
इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए की घर की कोई भी घड़ी अपने समय से पीछे न चल रही हो। हो सके तो, घड़ी का समय 10-5 मिनट आगे ही रखें, क्योंकि वक्त के साथ चलने में ही जीवन की उन्नति और विकास का रहस्य छिपा है। इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि घर की किसी भी घड़ी का शीशा टूटा हुआ न हो। यदि शीशा टूटा हुआ है, तो तुरंत उसे बदल लेना चाहिए। टूटे शीशे वाली घड़ी का परिवार के सदस्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।