घर एक ऐसी जगह होती है जहां पर व्यक्ति सुकून और शांति मिलती है। हर व्यक्ति अपने परिवार से सबसे ज्यादा प्रेम करता है, इसलिए प्रत्येक इंसान चाहते हैं कि उसके परिवार का हर एक सदस्य खुश रहे परिवार में शांति का वातावरण रहे। इसके लिए घर को सही स्थान पर बनाना बहुत ही जरूरी होता है। वास्तु शास्त्र के अंतर्गत कुछ ऐसे स्थानों या जगहों का जिक्र किया गया है, जहां पर कभी घर नहीं बनाना चाहिए। इस स्थानों पर रहने से घर में समस्याएं बनी रहती हैं। अपने परिवार और परिवार की खुशियों को बनाए रखने के लिए इन स्थानों पर घर बनाने से बचना चाहिए।
ऐसे स्थान पर कभी न बनाएं घर, परिवार में बनी रहती है अशांति और समस्याएं
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वास्तु के अनुसार चौराहे या उसके बिल्कुल आस-पास घर नहीं बनाना चाहिए। चौराहे, तिराहे और चौक पर बना हुए घर में बड़ा वास्तुदोष माना जाता है। ऐसे घर में नकारात्मकता का प्रभाव बहुत अधिक होता है। चौराहे पर बने हुआ घर में रहने से मानसिक अशांति का सामना करना पड़ता है। नकारात्मकता के कारण घर में समस्याएं बनी रहती हैं। इसके साथ ही घर रोड के बिलकुल पास होने पर वहां दिन और रात दोनों समय वाहनों और लोगों का आना जाना लगा रहता है, जिससे हर समय कोलाहल होता रहता है। अत्यधिक शोर भी आपकी मानसिक स्थिति को भंग करता है।
कुछ लोगों का घर रिहायशी इलाकों से बहुत ज्यादा दूर सूनसान स्थानों पर घर बनाते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार जो स्थान बिल्कुल सूनसान हो वहां पर घर नहीं बनाना चाहिए। ऐसी जगहों पर नकारात्मकता की अधिकता रहती है, जिसके कारण आपके जीवन में समस्याएं आने लगती है और शांति के स्थान पर आपके मन में अशांति पनपने लगती है। ऐसे स्थानों पर घर बनाना आपके और परिवार के लिए आपात स्थिति में भी नुकसान दायक होता है। इसके अलावा सूनसान इलाको में अपराध होने की आशंका भी बहुत अधिक होती है।
यदि आप अपना मकान या भूमि खरीदने जा रहे हैं तो उस स्थान की मिट्टी और भूमि की सही प्रकार से समीझा करनी चाहिए। यदि किसी भूमि पर गड्ढे और टीले ज्यादा बने हो या फिर भूमि बहुत ही पथरीली तो ऐसी भूमि को खरीदने से बचना चाहिए। इसके साथ ही जिस भूमि की खुदाई करते समय राख, कोयला, भस्म, हड्डी, भूसा आदि निकले तो वहां मकान नहीं बनाना चाहिए। माना जाता है कि इससे परिवार के सदस्यों में रोग होने की आशंका रहती है, जिससे उनकी आयु में कमी आ सकती है। यदि आवश्यक हो तो उचित निवारण करवाने के बाद ही ऐसी भूमि पर भवन का निर्माण करवाना चाहिए।