ज्योतिष शास्त्र में शनि को सबसे ज्यादा प्रभावशाली ग्रह माना जाता है। शनि न्याय, कर्म, धैर्य और अनुशासन आदि का कारक ग्रह माना जाता है। सभी ग्रहों मे शनि एक मात्र ही ऐसे ग्रह हैं जो सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रह हैं। यह किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। जब-जब शनि की चाल में बदलाव आता है तो इसका विशेष प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों के ऊपर देखने को मिलता है। शनि राशि बदलने के साथ-साथ नक्षत्र परिवर्तन भी करते हैं, जिसका प्रभाव भी सभी राशियों के लोगों के ऊपर पड़ता है। शनि अभी गुरु के स्वामित्व वाली राशि मीन और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में विराजमान हैं। शनिदेव 21 मार्च 2026 को नक्षत्र पद परिवर्तन करने वाले हैं। शनि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के तीसरे पद में परिवर्तन कई राशि वालों के लाभकारी साबित हो सकता है। आइए जानते हैं किन राशियों के ऊपर इसका प्रभाव पड़ेगा।
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राशिफल
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मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए शनि 12वें भाव में विराजमान हैं। ऐसे में आपके लिए शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण जारी है। शनि के अस्त होने और फिर नक्षत्र पद परिवर्तन करने से इस राशि वालों की सेहत में सुधार देखने को मिल सकता है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से आपको मामूली राहत मिल सकती है। किस्मत का भरपूर लाभ मिलेगा आपकी आर्थिक स्थिति में गिरावट देखने को मिल सकती है। साथ ही कर्जों से राहत भी मिलेगी।
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सिंह राशि
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सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए शनि आठवें भाव में विराजमान हैं। कुंडली का आठवां भाव अचानक से हानि दुर्घटना और आय से जुड़ा हुआ होता है। ऐसे में शनि के अस्त होने और नक्षत्र पद परिवर्तन करने से सिंह राशि वालों की नौकरी और बिजनेस में लाभ के आसार हैं। जो परेशानियां लंबे समय से चली आ रही थी वह समाप्त होगी। इस दौरान आर्थिक स्थिति में सुखद बदलाव देखने को मिलेगा।
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धनु राशि
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धनु राशि
धनु राशि वालों के लिए शनि का उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के तीसरे पद में जाना बहुत ही लाभकारी साबित होगा। आपकी राशि में शनि चौथे भाव में अस्त अवस्था में विराजमान हैं। ऐसे में आपको व्यापार से जुड़ी कई तरह की परेशानियों का अंत हो सकता है। मानसिक शांति की प्राप्ति हो सकती है। नौकरी में मनचाहा लाभ आपको प्राप्त हो सकता है। आप अपने शत्रुओं पर विजय हासिल करने में कामयाब होंगे।