ज्योतिष में नवग्रह बताए गए हैं। हर ग्रह का अपना प्रभाव और फल होता है। ये ग्रह जब अपना स्थान परिवर्तन करते हैं या किसी दूसरे ग्रह के साथ मिलकर युति बनाते हैं तब शुभ या अशुभ योग का निर्माण होता है। जिसका प्रभाव जातक के निजी जीवन और कार्यक्षेत्र दोनों पर पड़ता है। ज्योतिशास्त्र में चंद्रमा को मन का कारक बताया गया है। चंद्रमा की शुभ अशुभ स्थिति व्यक्ति को मानसिकतौर पर प्रभावित करती है। ज्योतिष में कई योग बताए गए हैं जिनमें से चंद्रमा का ग्रहण योग भी होता है। चंद्रमा का ग्रहण योग लगने से व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। तो चलिए जानते हैं कि क्या होता है चंद्रमा का ग्रहण योग और क्या है इसके प्रभाव एवं उपाय
चंद्रमा का ग्रहण योग बढ़ाता है मानसिक परेशानी, जानिए बचने के उपाय
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shashi Shashi
Updated Sat, 29 May 2021 08:02 PM IST
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