हमारे शास्त्रों में बताई गए उपायों पर यदि सही प्रकार से अमल किया जाए तो जीवन की बड़ी से बड़ी समस्याओं को दूर करने में भी सक्षम हैं। आज के समय में सबसे लोगों के सबसे बड़ी परेशानी होती है धन की समस्या। इस भौतिक युग में हर छोटी से छोटी समस्या के लिए भी धन की आवश्यकता होती है। यदि आप आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं तो इससे मुक्ति के लिए कुछ मंत्र जप के बारे में बताया है। इन मंत्रों को यदि आप प्रतिदिन पढ़ते हैं। तो आपको धन संबंधित समस्याओं से तो छुटकारा मिलता ही है साथ ही आपके धन में वृद्धि होती है। तो चलिए जानते हैं उपाय....
आर्थिक परेशानियों को दूर करेंगें ये मंत्र, प्रतिदिन 5 मिनट तक जरूर करें इनका जाप
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ज्योतिष में कुंडली के द्वितीय, अष्टम और एकादश (ग्याहरवें) भाव को धन से संबंधित माना गया है। आर्थिक स्थिति के मजबूत बनाने के लिए यह भावों का मजबूत होना आवश्यक होता है। इसके लिए आपको गुरू के मंत्र का जाप करना चाहिए। गुरू का मंत्र इस प्रकार है।
देवानां च ऋषिणां च गुरुं काञ्चनसन्निभम्।
बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्।।
ओम ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः। ह्रीं गुरवे नमः।
बृं बृहस्पतये नमः।
शास्त्रों के अनुसार पैसों की समस्या को दूर करने के लिए आठ प्रकार की दरिद्रता नाश होना बहुत आवश्यक होता है। किसी भी तरह की समस्या के निवार के लिए देवों के देव का आशीर्वाद पाना बहुत जरूरी होता है। यदि आपके घर में आर्थिक परेशानियां बनी हुई हैं तो दरिद्रता का नाश करने के लिए भगवान शिव के लिंगाष्टकम का पाठ करें। यह पाठ बहुत ही प्रभावशाली माना गया है। इससे व्यक्ति को संपन्नता की प्राप्ति होती है। इस मंत्र का जाप भी बहुत ही लाभप्रद रहता है।
अष्टदलोपरिवेष्टित लिंगं, सर्वसमुद्भवकारण लिंगं।
अष्टदरिद्रविनाशित लिंगं, तत्प्रणमामि सदाशिव लिंगं॥
मां महालक्ष्मी धन और वैभव की देवी हैं। इनकी कृपा से व्यक्ति को हर प्रकार की संपत्ति प्राप्त होती है। धन संबंधित समस्याओं से मुक्ति प्राप्त करने और धन वृद्धि के लिए मां महालक्ष्मी के कनकधारा स्तोत्र, महालक्ष्मी कवच और महालक्ष्मी अष्टकम का पाठ करना चाहिए। धन प्राप्ति, धन संचय आदि के लिए ये पाठ बहुत शक्तिशाली बताए गए हैं।