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फिर कंगारुओं के खिलाफ ही बोला युवराज का रूठा बल्ला
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 31 Mar 2014 03:33 PM IST
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युवराज सिंह का बल्ला अब फिर से बोलने लगा है और हर बार की तरह इस बार भी कंगारुओं के खिलाफ फॉर्म में वापसी की है।
बाएं हाथ का यह बल्लेबाज पिछले लंबे समय से अपने फॉर्म में नहीं था और इस कारण वह भारत की वनडे और टी-20 टीम से बाहर थे, लेकिन टी-20 वर्ल्ड कप में उनके शानदार रिकॉर्ड को देखते हुए जगह दी गई।
लेकिन वर्ल्ड कप टीम में जगह पाने के बावजूद वह बल्ले से बुरी तरह से नाकाम रहे थे। पहले तीन मैचों में उन्हें दो बार बल्लेबाजी करने का मौका मिला लेकिन वह क्रीज पर संघर्ष करते नजर आए। हालांकि भारत का चौथा मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ था, युवराज कंगारू टीम के खिलाफ जबर्दस्त बल्लेबाजी करते हैं और इस बार भी वह ऐसा करने में सफल रहे।
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बाएं हाथ का यह बल्लेबाज पिछले लंबे समय से अपने फॉर्म में नहीं था और इस कारण वह भारत की वनडे और टी-20 टीम से बाहर थे, लेकिन टी-20 वर्ल्ड कप में उनके शानदार रिकॉर्ड को देखते हुए जगह दी गई।
लेकिन वर्ल्ड कप टीम में जगह पाने के बावजूद वह बल्ले से बुरी तरह से नाकाम रहे थे। पहले तीन मैचों में उन्हें दो बार बल्लेबाजी करने का मौका मिला लेकिन वह क्रीज पर संघर्ष करते नजर आए। हालांकि भारत का चौथा मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ था, युवराज कंगारू टीम के खिलाफ जबर्दस्त बल्लेबाजी करते हैं और इस बार भी वह ऐसा करने में सफल रहे।
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युवराज के छक्कों से खड़ी हुई टीम इंडिया
युवराज सिंह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जब बल्लेबाजी करने आए तो भारत के दो विकेट गिर चुके थे और टीम उस समय संघर्ष कर रही थी।
शुरू में वह धीमे लगे और गेंद बल्ले पर ठीक से आ भी नहीं रही थी और 23 गेंदों में 18 रन ही बना पाए थे। लेकिन इसके बाद उन्होंने फिरकी गेंदबाज जेम्स मुरीहेड पर लगातार दो छक्का जमाकर फॉर्म में वापसी का संकेत दिया और अपनी पारी को 50 रनों से आगे ले गए।
एक समय भारत का स्कोर 12 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 69 रन था और लग रहा था कि टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाएगी। लेकिन युवराज की आतिशी पारी के दम पर भारत 159 रन बनाने में कामयाब रहा। युवराज ने अपनी पारी में चार छक्कों के अलावा पांच चौके भी जमाए।
शुरू में वह धीमे लगे और गेंद बल्ले पर ठीक से आ भी नहीं रही थी और 23 गेंदों में 18 रन ही बना पाए थे। लेकिन इसके बाद उन्होंने फिरकी गेंदबाज जेम्स मुरीहेड पर लगातार दो छक्का जमाकर फॉर्म में वापसी का संकेत दिया और अपनी पारी को 50 रनों से आगे ले गए।
एक समय भारत का स्कोर 12 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 69 रन था और लग रहा था कि टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाएगी। लेकिन युवराज की आतिशी पारी के दम पर भारत 159 रन बनाने में कामयाब रहा। युवराज ने अपनी पारी में चार छक्कों के अलावा पांच चौके भी जमाए।
27 गेंद के बाद युवी ने लगाया था पहला चौका
ऑस्ट्रेलिया से पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद भारत की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने 12 ओवर से पहले अपने 66 रन पर अपने चार शीर्ष बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए।
युवराज और धोनी टीम को संकट से बाहर निकालने की कोशिश में लगे थे लेकिन सफलता युवराज को मिली जिन्होंने 27 गेंद के इंतजार के बाद भारतीय पारी का पहला चौका लगाया।
इसके बाद 13वें ओवर में जेम्स मुरीहेड की लगातार दो गेंदों पर छक्का जड़कर टीम का स्कोर तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश की। 17वां ओवर भी भारत के लिए फायदेमंद साबित हुआ जिसमें तेज गेंदबाज मिचेल स्टॉर्क की दूसरी गेंद पर धोनी ने छक्का जमाया। इसके बाद युवी ने चौथी गेंद पर चौका और अंतिम गेंद पर छक्का जमाया। भारत को इस ओवर में 19 रन मिले और भारत डेढ़ सौ के करीब पहुंच गया।
युवराज और धोनी टीम को संकट से बाहर निकालने की कोशिश में लगे थे लेकिन सफलता युवराज को मिली जिन्होंने 27 गेंद के इंतजार के बाद भारतीय पारी का पहला चौका लगाया।
इसके बाद 13वें ओवर में जेम्स मुरीहेड की लगातार दो गेंदों पर छक्का जड़कर टीम का स्कोर तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश की। 17वां ओवर भी भारत के लिए फायदेमंद साबित हुआ जिसमें तेज गेंदबाज मिचेल स्टॉर्क की दूसरी गेंद पर धोनी ने छक्का जमाया। इसके बाद युवी ने चौथी गेंद पर चौका और अंतिम गेंद पर छक्का जमाया। भारत को इस ओवर में 19 रन मिले और भारत डेढ़ सौ के करीब पहुंच गया।
सबसे बड़ी साझेदारी भी युवी के नाम
युवराज सिंह ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ टी-20 वर्ल्ड कप मुकाबले में 84 रनों की साहसिक साझेदारी की। यह भारत की ओर से पांचवें विकेट के लिए तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी भी है।
पांचवें विकेट के लिए टी-20 में सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड भी इन्हीं जोड़ी के नाम दर्ज है।
युवराज और धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस मैच से पहले पिछले साल राजकोट में खेले गए टी-20 में 202 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 102 रनों की साझेदारी की थी।
पांचवें विकेट के लिए टी-20 में सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड भी इन्हीं जोड़ी के नाम दर्ज है।
युवराज और धोनी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस मैच से पहले पिछले साल राजकोट में खेले गए टी-20 में 202 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 102 रनों की साझेदारी की थी।
पिछले साल टी-20 में खेली थी अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी
युवराज सिंह टी-20 मैचों में अब तक आठ अर्धशतक लगा चुके हैं और कल खेली गई पारी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरी अर्धशतकीय पारी भी है।
वह 170.34 की स्ट्राइक रेट से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 में 247 रन बना चुके हैं। टी-20 करियर में युवराज की सर्वश्रेष्ठ पारी भी ऑस्ट्रेलिया के ही खिलाफ है, जो उन्होंने इस मैच से पहले वाले मैच में बनाया था।
यह मैच 10 अक्टूबर, 2013 को राजकोट में खेला गया था जिसमें युवराज ने महज 35 गेंदों में नाबाद 77 रनों की दिलकश पारी खेली थी। इस पारी में उनके बल्ले से 8 चौके के अलावा 5 बड़े छक्के भी निकले थे। युवराज की ही बल्लेबाजी थी कि भारत ने 19.4 ओवर में 201 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया।
वह 170.34 की स्ट्राइक रेट से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी-20 में 247 रन बना चुके हैं। टी-20 करियर में युवराज की सर्वश्रेष्ठ पारी भी ऑस्ट्रेलिया के ही खिलाफ है, जो उन्होंने इस मैच से पहले वाले मैच में बनाया था।
यह मैच 10 अक्टूबर, 2013 को राजकोट में खेला गया था जिसमें युवराज ने महज 35 गेंदों में नाबाद 77 रनों की दिलकश पारी खेली थी। इस पारी में उनके बल्ले से 8 चौके के अलावा 5 बड़े छक्के भी निकले थे। युवराज की ही बल्लेबाजी थी कि भारत ने 19.4 ओवर में 201 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया।
कंगारुओं के खिलाफ ही है वनडे की बड़ी पारी
खब्बू बल्लेबाज युवराज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बड़ी पारियां खेलने के लिए जाने जाते हैं। वह वनडे क्रिकेट में भी बेहरतीन बल्लेबाज हैं। 293 वनडे मैच खेल चुके युवराज 13 शतक के अलावा 51 अर्धशतक लगा चुके हैं।
उन्होंने अपने के करियर दूसरे वनडे में ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ (7 अक्टूबर, 2000) 84 रनों की बेजोड़ पारी खेली थी। युवराज ने 22 जनवरी, 2004 को सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के ही खिलाफ करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली। उन्होंने इस मैच में 139 रनों की पारी खेली।
आज 10 साल से ज्यादा का वक्त गुजर गया लेकिन युवराज अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी का रिकॉर्ड नहीं तोड़ सके हैं।
उन्होंने अपने के करियर दूसरे वनडे में ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ (7 अक्टूबर, 2000) 84 रनों की बेजोड़ पारी खेली थी। युवराज ने 22 जनवरी, 2004 को सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के ही खिलाफ करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली। उन्होंने इस मैच में 139 रनों की पारी खेली।
आज 10 साल से ज्यादा का वक्त गुजर गया लेकिन युवराज अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी का रिकॉर्ड नहीं तोड़ सके हैं।