फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Sports Archives ›   why amit mishra be favourite of ms dhoni

अमित मिश्रा को क्यों नापसंद करते हैं कप्तान धोनी?

Wed, 02 Apr 2014 10:21 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 02 Apr 2014 10:21 AM IST
विज्ञापन
why amit mishra be favourite of ms dhoni
चयन होने के बाद किसी भी खिलाड़ी को टीम में जगह पाने के लिए कप्तान को प्रभावित करना होता है। अगर वह ऐसा नहीं कर पाता तो प्रतिभावान होने के बावजूद वह अंतिम एकादश में जगह नहीं पा सकता।
विज्ञापन


लेग स्पिनर अमित मिश्रा एक ऐसे गेंदबाज हैं जिन्हें बेहतरीन फिरकी गेंदबाज माना जाता है। लेकिन उनके साथ दुर्भाग्य यह है कि वह टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के कभी खास गेंदबाज नहीं बन सके हैं।
विज्ञापन


10 साल से ज्यादा का वक्त हो गया उन्हें अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत किए हुए, लेकिन आज तक वह कभी भी टीम इंडिया के लिए नियमित खिलाड़ी नहीं बन सके हैं। धोनी की चलती तो वह कभी भी अमित को टीम में नहीं रखते लेकिन मिश्रा के खेल के आगे उन्हें मजबूरी में टीम में शामिल करना पड़ जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पाक के खिलाफ की थी जबर्दस्त गेंदबाजी

why amit mishra be favourite of ms dhoni
बांग्लादेश में ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप से पहले माना जा रहा था कि यहां पर फिरकी गेंदबाजी का जलवा रहेगा और भारतीय उपमहाद्वीप की टीमें शानदार प्रदर्शन करेंगी क्योंकि इन टीमों के बल्‍लेबाजों को फिरकी गेंदबाजों का सामना करने में महारत हासिल है।

ऐसे में धोनी के पास और कोई चारा नहीं था कि लेग ‌‌स्पिनर अमित मिश्रा को टीम में शामिल न करें। मजबूरी में ही सही धोनी ने टूर्नामेंट में अपने पहले मुकाबले में पाकिस्तान जैसी टीम के खिलाफ उन्हें शामिल कर मौका दिया।

अमित ने सातवें ओवर से अपनी गेंदबाजी स्पेल शुरू की और पहले ओवर में 6 रन दिए। अमित ने शानदार गेंदबाजी करते हुए अहमद शहजाद और शोएब मलिक के विकेट लिए। चार ओवर में उन्होंने एक मेडन के साथ 22 रन देकर 2 विकेट झटके। उन्हें शानदार गेंदबाजी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया।

धोनी को रास नहीं आई अमित की गेंदबाजी!

why amit mishra be favourite of ms dhoni
टीम इंडिया का दूसरा मैच वर्ल्ड चैंपियन वेस्ट इंडीज के खिलाफ था और भारत यह मैच जीतकर सेमीफाइनल के लिए अपनी चुनौती और मजबूत करना चाहता था।

धोनी ने एक बार फिर अमित का स्पेल सातवें ओवर से शुरू करवाया और वह अपनी गेंदबाजी से विपक्षी टीम को ‌खूब परेशान किया और बड़ा स्कोर बनाने का मौका नहीं दिया। चार ओवर में 18 रन देकर दो बड़े विकेट फिर निकाले और मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार लगातार दूसरी बार जीत लिया।

अमित के करियर में महज तीन टी-20 मैचों में दो में मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार जीतना शायद कप्तान धोनी को रास नहीं आया और उन्हें लगा कि मिश्रा तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं जिसका घाटा अश्विन को उठाना पड़ सकता है।

अमित को रोकने को धोनी की यह रणनीति

why amit mishra be favourite of ms dhoni
कप्तान धोनी को शायद यह उम्मीद नहीं थी कि अमित बेहद शानदार गेंदबाजी कर लगातार दो मैचों में मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार जीत ले जांएगे। उनके शानदार फॉर्म को देखते हुए उन्हें तुरंत टीम से बाहर भी नहीं निकाला जा सकता था।

ऐसे में चतुर कप्तान ने एक ऐसी रणनीति बनाई कि अमित को मैच में रखने के बावजूद ज्यादा कारगर साबित नहीं होने देंगे और मौका हाथ लगते ही टीम से बाहर का रास्‍ता दिखा दिया जाएगा। टूर्नामेंट में टीम का तीसरा मैच मेजबान बांग्लादेश के खिलाफ था और भारत इस बार भी पहले गेंदबाजी कर रहा था।

धोनी ने अपने खास गेंदबाज अश्विन को पहले मौका दिया और सुरेश रैना जैसे पार्टटाइम गेंदबाजों को पहले गेंद थमा दी लेकिन अमित मिश्रा को 10वें ओवर में जाकर गेंदबाजी का मौका दिया। मिश्रा अंतिम ओवर में लगातार दो विकेट झटकने में कामयाब रहे। उन्होंने 26 रन देकर तीन विकेट जरूर झटक लिए। लेकिन मैन ऑफ द मैच के रेस से बाहर हो गए और इस बार यह पुरस्कार अश्विन की झोली में चला गया।

धोनी ने चौथे मैच में तो हद ही कर दी

why amit mishra be favourite of ms dhoni

तीन मैचों में दो बार हैट्रिक का मौका गंवाने वाले फिरकी गेंदबाज अमित मिश्रा को अपने कप्‍तान का ही साथ नहीं मिला।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय कप्तान ने अमित को जल्द गेंदबाजी करने का मौका ‌फिर नहीं दिया। एक ओर अश्विन को चौथे ओवर में ही मौका दे दिया गया जबकि अमित ‌को अपने पहले ओवर के लिए 11 ओवर तक इंतजार कना पड़ा।

लेकिन इस बार भी उन्होंने धोनी की रणनीति को कामयाब नहीं होने दिया और तीन ओवर में 13 रन देकर दो विकेट झटक लिया। अश्विन इस मैच में भी मैन ऑफ द मैच बने पर अमित ने भी प्रभावशाली गेंदबाजी की।

कोहली की कप्तानी में जमकर मिला मिश्रा को मौका

why amit mishra be favourite of ms dhoni

महेंद्र सिंह धोनी ने भले ही अमित मिश्रा को ज्यादा पसंद नहीं करते हो लेकिन विराट कोहली जब भी टीम इंडिया के कप्तान बने उन्होंने इस गेंदबाज को मौका दिया।

पिछले साल जिंबाब्वे दौरे के दौरान कोहली ने पांच मैचों की वनडे सीरीज में अमित को सभी मैचों में मौका दिया और उन्होंने कुल 18 विकेट झटककर एक सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

इसके बाद पिछले महीने कोहली की ही अगुवाई में भारतीय टीम जब एशिया कप खेलने बांग्लादेश आई तो उन्हें पाकिस्तान और अफगानिस्तान के खिलाफ मैच में खेलने का मौका मिला। मिश्रा ने इस मौके का भरपूर फायदा उठाया और टीम एकादश के लिए अपनी दावेदारी ठोक ‌दी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed