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बंद हुए वीरू, गंभीर और भज्जी की वापसी के दरवाजे?
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 04 Jan 2014 12:45 PM IST
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वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर और हरभजन सिंह लंबे समय से टीम इंडिया से बाहर हैं और वे फिर से भारतीय टीम में वापसी के लिए खूब पसीना बहा रहे हैं। लेकिन उनके खराब फॉर्म और युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने दिग्गजों की वापसी पर कांटे बिछा रखे हैं।
युवराज सिंह को शानदार खेल के दम पर लंबे समय बाद पिछले साल नीली जर्सी पहनने का मौका हासिल हुआ था लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में खराब खेल ने उन्हें भी फिर टीम से बाहर करा दिया।
जिस तरह से युवा खिलाड़ी भारत के लिए बेजोड़ प्रदर्शन कर रहे हैं उससे सहवाग, गंभीर और हरभजन जैसे पुराने दिग्गजों के लिए वापसी के रास्ते बंद तो नहीं हो गए हैं।
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युवराज सिंह को शानदार खेल के दम पर लंबे समय बाद पिछले साल नीली जर्सी पहनने का मौका हासिल हुआ था लेकिन अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में खराब खेल ने उन्हें भी फिर टीम से बाहर करा दिया।
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जिस तरह से युवा खिलाड़ी भारत के लिए बेजोड़ प्रदर्शन कर रहे हैं उससे सहवाग, गंभीर और हरभजन जैसे पुराने दिग्गजों के लिए वापसी के रास्ते बंद तो नहीं हो गए हैं।
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वापसी करने में सफल रहे जहीर खान
रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सत्र में शानदार प्रदर्शन कर बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जहीर खान तो टेस्ट टीम में वापसी करने में सफल हो गए।
लेकिन ओपनर वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह और मध्यक्रम के तूफानी बल्लेबाज युवराज सिंह के लिए टीम इंडिया के दरवाजे लगभग बंद हो चुके हैं।
लगभग एक साल बाद दक्षिण अफ्रीका दौरे से टेस्ट टीम से वापसी करने वाले जहीर अपने प्रदर्शन के दम पर न्यूजीलैंड दौरे के लिए भी टीम में अपनी जगह बचाने में कामयाब रहे।
लेकिन ओपनर वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह और मध्यक्रम के तूफानी बल्लेबाज युवराज सिंह के लिए टीम इंडिया के दरवाजे लगभग बंद हो चुके हैं।
लगभग एक साल बाद दक्षिण अफ्रीका दौरे से टेस्ट टीम से वापसी करने वाले जहीर अपने प्रदर्शन के दम पर न्यूजीलैंड दौरे के लिए भी टीम में अपनी जगह बचाने में कामयाब रहे।
रणजी में नहीं चल रहे युवराज सिंह
युवराज सिंह ने पिछले साल प्रथम श्रेणी क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर टीम इंडिया में लंबे समय बाद वापसी की थी लेकिन ऑस्ट्रेलिया के साथ खेली गई घरेलू वनडे सीरीज में वह बेहद नाकाम रहे थे।
इसेक बाद वह दक्षिण अफ्रीका में वनडे टीम का हिस्सा थे। लेकिन दो वनडे में उनका प्रदर्शन उनकी प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं रहा जिसके बाद उन्हें न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम से बाहर कर दिया गया।
मौजूदा रणजी सत्र में भी युवराज सिंह ने तीन मैच खेले और 23.20 के औसत से 116 रन बनाए हैं।
इसेक बाद वह दक्षिण अफ्रीका में वनडे टीम का हिस्सा थे। लेकिन दो वनडे में उनका प्रदर्शन उनकी प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं रहा जिसके बाद उन्हें न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम से बाहर कर दिया गया।
मौजूदा रणजी सत्र में भी युवराज सिंह ने तीन मैच खेले और 23.20 के औसत से 116 रन बनाए हैं।
सहवाग की नाकामी नहीं दूर हो रही
अब अगर बात वीरेंद्र सहवाग की करें तो शायद इनकी नाकामी की वजह से ही दिल्ली आज रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में भी जगह नहीं बना पाई।
सहवाग पूरे सत्र में इस असमंजस से जूझते रहे कि वह ओपनिंग करें या मध्यक्रम में जाएं। पहले सहवाग मध्य क्रम में बल्लेबाजी करने आते थे लेकिन उसमें कामयाब नहीं रहे। लगातार नाकामी के बाद वह एक बार फिर सलामी बल्लेबाजी की भूमिका में लौटे और कर्नाटक के खिलाफ गौतम गंभीर के साथ पारी की शुरुआत की।
लेकिन उनका यह दांव भी नहीं चला। कर्नाटक के खिलाफ मुकाबले में वह पहली पारी में 32 और दूसरी पारी में 11 रन बना पाए। रणजी के इस सत्र में खेले सात मैचों में उनकी सबसे बड़ी पारी 56 रनों की थी। वह पिछली 13 रणजी पारियों में पांच बार वह दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके थे।
सहवाग पूरे सत्र में इस असमंजस से जूझते रहे कि वह ओपनिंग करें या मध्यक्रम में जाएं। पहले सहवाग मध्य क्रम में बल्लेबाजी करने आते थे लेकिन उसमें कामयाब नहीं रहे। लगातार नाकामी के बाद वह एक बार फिर सलामी बल्लेबाजी की भूमिका में लौटे और कर्नाटक के खिलाफ गौतम गंभीर के साथ पारी की शुरुआत की।
लेकिन उनका यह दांव भी नहीं चला। कर्नाटक के खिलाफ मुकाबले में वह पहली पारी में 32 और दूसरी पारी में 11 रन बना पाए। रणजी के इस सत्र में खेले सात मैचों में उनकी सबसे बड़ी पारी 56 रनों की थी। वह पिछली 13 रणजी पारियों में पांच बार वह दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके थे।
इस दिग्गज की कप्तानी में बाहर हो गई टीम
दिल्ली के सलामी बल्लेबाज और कप्तान गौतम गंभीर के लिए यह सत्र बेहद निराशाजनक रहा है। हालांकि वह बीच-बीच में रन बनाते रहे हैं। उन्होंने सात मैचों में 48.16 की औसत से 578 रन बनाए और वह टीम के शीर्ष स्कोरर रहे।
बावजूद इसके उनकी कप्तानी में दिल्ली को लीग चरण से ही बाहर होना पड़ा है। सात मैचों की 13 पारियों में गंभीर ने एक शतक और तीन अर्धशतक ही लगाए हैं।
उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट दिसंबर, 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था लेकिन शिखर धवन की एंट्री और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के मुरली विजय पर भरोसे से गंभीर और सहवाग दोनों को ही टीम से दूर कर दिया है।
बावजूद इसके उनकी कप्तानी में दिल्ली को लीग चरण से ही बाहर होना पड़ा है। सात मैचों की 13 पारियों में गंभीर ने एक शतक और तीन अर्धशतक ही लगाए हैं।
उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट दिसंबर, 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था लेकिन शिखर धवन की एंट्री और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के मुरली विजय पर भरोसे से गंभीर और सहवाग दोनों को ही टीम से दूर कर दिया है।
आर अश्विन ने की वापसी की राह मुश्किल
खराब प्रदर्शन का सिलसिला फिरकी गेंदबाज हरभजन सिंह के साथ भी है। टीम इंडिया में वापसी की कोशिशों में लगे हरभजन ने पंजाब के लिए तीन मैचों में 18.83 के औसत से 18 विकेट लिए हैं।
कप्तान धोनी के प्रिय गेंदबाज आर अश्विन के दक्षिण अफ्रीका में फ्लॉप होने के बाद हरभजन के पास वापसी का मौका हो सकता था लेकिन चयनकर्ताओं ने न्यूजीलैंड दौरे के लिए एक बार फिर अश्विन पर ही भरोसा जताया। हरभजन सिंह ने रणजी के लीग मुकाबलों में आठ में से तीन मैच ही खेले हैं लेकिन उनकी टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी है।
33 साल के भज्जी ने अपना पिछला टेस्ट पिछले साल मार्च में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैदराबाद में खेला था। उन्होंने अपना आखिरी वनडे वेस्ट इंडीज के खिलाफ जून 2011 में खेला था।
कप्तान धोनी के प्रिय गेंदबाज आर अश्विन के दक्षिण अफ्रीका में फ्लॉप होने के बाद हरभजन के पास वापसी का मौका हो सकता था लेकिन चयनकर्ताओं ने न्यूजीलैंड दौरे के लिए एक बार फिर अश्विन पर ही भरोसा जताया। हरभजन सिंह ने रणजी के लीग मुकाबलों में आठ में से तीन मैच ही खेले हैं लेकिन उनकी टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी है।
33 साल के भज्जी ने अपना पिछला टेस्ट पिछले साल मार्च में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैदराबाद में खेला था। उन्होंने अपना आखिरी वनडे वेस्ट इंडीज के खिलाफ जून 2011 में खेला था।
आइए, नजर डालते हैं दिग्गजों के प्रदर्शन पर
मौजूदा रणजी सत्र में दिग्गजों का प्रदर्शन
- वीरेंद्र सहवाग 7 मैच 234 रन 19.50 औसत
- युवराज सिंह 3 मैच 116 रन 23.20 औसत
- गौतम गंभीर 7 मैच 578 रन 48.16 औसत
- हरभजन सिंह 3 मैच 18 विकेट 18.83 औसत
आईपीएल में सहवाग का क्या होगा?
घरेलू क्रिकेट में खराब फॉर्म के चलते वीरेंद्र सहवाग के लिए आईपीएल-7 में आकर्षक करार की राह मुश्किल दिख रही है।
सहवाग इस समय दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेलते हैं और उनके इस खराब फार्म को देखते हुए मौजूदा फ्रेंचाइजी भी उनके टीम में बने रहने पर विचार कर सकती है।
आईपीएल की आठ फ्रेंचाइजियों को 10 जनवरी तक खिलाड़ियों को बरकरार रखने की सूची को सौंप देनी है। अगले महीने होने वाली आईपीएल नीलामी में न्यूजीलैंड के बल्लेबाज कोरी एंडरसन और दक्षिण अफ्रीका के क्वींटन डी कॉक सुर्खियों में रहेंगे और इन्हें मोटी रकम मिलने की उम्मीद है।
सहवाग इस समय दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेलते हैं और उनके इस खराब फार्म को देखते हुए मौजूदा फ्रेंचाइजी भी उनके टीम में बने रहने पर विचार कर सकती है।
आईपीएल की आठ फ्रेंचाइजियों को 10 जनवरी तक खिलाड़ियों को बरकरार रखने की सूची को सौंप देनी है। अगले महीने होने वाली आईपीएल नीलामी में न्यूजीलैंड के बल्लेबाज कोरी एंडरसन और दक्षिण अफ्रीका के क्वींटन डी कॉक सुर्खियों में रहेंगे और इन्हें मोटी रकम मिलने की उम्मीद है।