फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   Sports Archives ›   Venkatesh Prasad very angry to bcci

नहीं मिली इजाजत तो BCCI पर भड़क उठा यह पूर्व तेज गेंदबाज

Tue, 07 Jan 2014 03:30 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Tue, 07 Jan 2014 03:30 PM IST
विज्ञापन
Venkatesh Prasad very angry to bcci
पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज और उत्तर प्रदेश क्रिकेट टीम के कोच वेंकटेश प्रसाद ने न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुने गए छह खिलाड़ियों को रणजी ट्रॉफी के लिए रिलीज नहीं किए जाने के बीसीसीआई के फैसले को निराशाजनक बताया है।
विज्ञापन


रणजी ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल आठ जनवरी से शुरू हो रहे हैं जिसमें उत्तर प्रदेश का मुकाबला कर्नाटक से बंगलूरू में होना है।

न्यूजीलैंड जाने वाली टीम इंडिया में उत्तर प्रदेश के सुरेश रैना और भुवनेश्वर कुमार का चयन हुआ है। रैना और भुवनेश्वर सहित छह खिलाड़ी क्वार्टर फाइनल में खेल सकते थे लेकिन बीसीसीआई ने इन खिलाड़ियों को शेष टीम के साथ न्यूजीलैंड दौरे पर 12 जनवरी को भेजने का फैसला किया है जो क्वार्टर फाइनल का अंतिम दिन होगा।
विज्ञापन

वेंकी के प्रस्ताव को बोर्ड ने ठुकराया

Venkatesh Prasad very angry to bcci
वेंकटेश प्रसाद ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) के जरिए बोर्ड को गत दो जनवरी को लिखित आग्रह भेजा था।

भारत के पूर्व तेज गेंदबाज रहे प्रसाद ने कहा, "मेरे आग्रह को बोर्ड ने स्वीकृति नहीं दी। आप चाहते हैं कि घरेलू राष्ट्रीय टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी खेलें लेकिन बोर्ड के इस फैसले से अच्छे खिलाड़ी ऐसे महत्वपूर्ण समय में खेल ही नहीं पाएंगे।"

उन्होंने कहा, "यह समझ पाना मुश्किल है कि खिलाड़ियों को 12 जनवरी को भेजे जाने की क्या जल्दी है जबकि भारत को न्यूजीलैंड दौरे में अपना पहला मैच एक सप्ताह बाद खेलना है। वे एक दिन बाद भी जा सकते थे। उनका पहला मैच 19 जनवरी को होना है।"

बोर्ड की सफाई, खिलाड़ियों को देना था आराम

Venkatesh Prasad very angry to bcci
इस मुद्दे पर बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अधिकतर खिलाड़ी दक्षिण अफ्रीका के पूर्ण दौरे के बाद स्वदेश लौटे थे और उन्हें कुछ आराम की जरूरत थी।

अधिकारी ने कहा, "खिलाड़ी हाल में ही दक्षिण अफ्रीका दौरे से लौटे हैं। उन्हें कुछ आराम की जरूरत थी ताकि वे अपनी ऊर्जा वापस हासिल कर सकें। उनके सामने नया व्यस्त साल मौजूद है।"

बंगाल के कोच और पूर्व भारतीय बल्लेबाज अशोक मल्होत्रा ने भी प्रसाद की बात से सहमति जताते हुए कहा, "अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को उतारने से क्वार्टर फाइनल के स्तर में ही इजाफा होता है। यदि मोहम्मद शमी 11 तारीख तक भी हमारे साथ खेल लेता तो मुझे कोई ऐतराज नहीं होता। उसकी मौजूदगी से बंगाल की टीम का मनोबल ही मजबूत होता।"
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed